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भास्कर दत ने सितार वादन से किया मंत्रमुग् घ
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:36 AM IST
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ब्यूरो/ ऋषिकेश। स्वामी वीणा महाराज स्मृति संगीत समारोह की दूसरी शाम शास्त्रीय कलाकारों के नाम रही। इस अवसर पर विभिन्न संगीत विधाओं से जुड़े कलाकारों ने शानदार शास्त्रीय प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित दो दिवसीय संगीत समारोह के दूसरे दिन कलाकारों ने विभिन्न शास्त्रीय प्रस्तुतियां दी। आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी असंगानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में आयोजित समारोह के तहत प्रात:कालीन सत्र में नैनीताल के कलाकार भास्कर दत्त कापड़ी ने सितार वादन प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने सितार पर राग तोड़ी की विलंबित व द्रुत त्रिताल में प्रस्तुति दी।
उनके साथ तबले पर अमन महाजन ने शानदार संगत देकर शास्त्रीय प्रस्तुति को यादगार बना दिया। दिल्ली की शास्त्रीय गायिका डा. सुधा माथुर ने अरज सुनो...राग पर आधारित खयाल सुनाया। साथ ही राग देश व भैरवी की शानदार प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर हितेंद्र, हारमोनियम पर विनीत व तानपूरा पर प्रवीण ने संगत दी। समारोह के तहत सांध्यकालीन सत्र में दिल्ली के डॉ. गोपाल कृष्ण शाह का सितारवादन और स्मित तिवारी की जुगलबंदी बेहतरीन रही। समारोह के समापन पर पंडित देवेंद्र वर्मा ने शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष व शास्त्रीय मर्मज्ञ पं. हरिकृष्ण शाह ने कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देसी व विदेशी श्रोताओं ने देर रात तक शास्त्रीय गायन व वादन प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाया और तालियां बजाकर कलाकारों की शानदार शास्त्रीय प्रस्तुतियों की सराहना की। इस अवसर पर डॉ. हरीश चंद्र शाह, राजेश चंद्र पांडेय, चंद्रशेखर तिवारी, भगवती भट्ट, किसलय शाह, ईला डे, दुर्गा देवी, अंतरा, पूजा, दीपा, ललिता, मानव, राजेंद्र शाह, डॉ. विनीत गोस्वामी, तबला वादक हितेंद्र श्रीवास्तव, आरके दीक्षित आदि मौजूद थे।
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उनके साथ तबले पर अमन महाजन ने शानदार संगत देकर शास्त्रीय प्रस्तुति को यादगार बना दिया। दिल्ली की शास्त्रीय गायिका डा. सुधा माथुर ने अरज सुनो...राग पर आधारित खयाल सुनाया। साथ ही राग देश व भैरवी की शानदार प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर हितेंद्र, हारमोनियम पर विनीत व तानपूरा पर प्रवीण ने संगत दी। समारोह के तहत सांध्यकालीन सत्र में दिल्ली के डॉ. गोपाल कृष्ण शाह का सितारवादन और स्मित तिवारी की जुगलबंदी बेहतरीन रही। समारोह के समापन पर पंडित देवेंद्र वर्मा ने शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया।
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आयोजन समिति के अध्यक्ष व शास्त्रीय मर्मज्ञ पं. हरिकृष्ण शाह ने कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देसी व विदेशी श्रोताओं ने देर रात तक शास्त्रीय गायन व वादन प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाया और तालियां बजाकर कलाकारों की शानदार शास्त्रीय प्रस्तुतियों की सराहना की। इस अवसर पर डॉ. हरीश चंद्र शाह, राजेश चंद्र पांडेय, चंद्रशेखर तिवारी, भगवती भट्ट, किसलय शाह, ईला डे, दुर्गा देवी, अंतरा, पूजा, दीपा, ललिता, मानव, राजेंद्र शाह, डॉ. विनीत गोस्वामी, तबला वादक हितेंद्र श्रीवास्तव, आरके दीक्षित आदि मौजूद थे।
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