{"_id":"5ab024744f1c1bc4758b6599","slug":"1521493359622-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 साल बाद मानलथात में होगा बिस्सू पर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
22 साल बाद मानलथात में होगा बिस्सू पर्व
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
जौनसार बावर के खत बाणाधार स्थित मानलथात में करीब 26 साल बाद 13 अप्रैल को बिस्सू मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले के आयोजन को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। वर्ष 1992 में किसी कारण से ग्रामीणों ने बिस्सू मेले का आयोजन बंद कर दिया था। अब नई युवा पीढ़ी ने इस पुरानी संस्कृति को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है।
मालूम हो कि अप्रैल माह में बैसाखी पर्व के साथ ही जौनसार बावर में बिस्सू मेला शुरू हो जाता है। देवता को बुरांश के फूल चढ़ाएं जाते हैं। पंचायती आंगन में लोक संस्कृति की बयार बहती है। इस मेले में खत अंतर्गत बाणाधार, चिल्हाड़, सिलावड़ा, भंद्रोली, डिमिच और चांजोई गांव के लोग हिस्सा लेंगे। खत स्याणा कुंवर सिंह, ग्राम प्रधान निर्मला, हुकुम सिंह, जयपाल सिंह राणा, जितेंद्र चौहान, राजेंद्र दत्त, पितांबर दत्त बिजल्वाण आदि का कहना है कि इस साल मानलथात में देवता के 100 साल पुराने देव मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसी खुशी में लोगों ने फिर से पुरानी संस्कृति को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है। मेले के आयोजन पर ठोउड़ा भी खेला जाएगा। बिस्सू मेला देखने के लिए कई गांवों से भी लोग मानलथात पहुंचेंगे।
विज्ञापन
जौनसार बावर के खत बाणाधार स्थित मानलथात में करीब 26 साल बाद 13 अप्रैल को बिस्सू मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले के आयोजन को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। वर्ष 1992 में किसी कारण से ग्रामीणों ने बिस्सू मेले का आयोजन बंद कर दिया था। अब नई युवा पीढ़ी ने इस पुरानी संस्कृति को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है।
मालूम हो कि अप्रैल माह में बैसाखी पर्व के साथ ही जौनसार बावर में बिस्सू मेला शुरू हो जाता है। देवता को बुरांश के फूल चढ़ाएं जाते हैं। पंचायती आंगन में लोक संस्कृति की बयार बहती है। इस मेले में खत अंतर्गत बाणाधार, चिल्हाड़, सिलावड़ा, भंद्रोली, डिमिच और चांजोई गांव के लोग हिस्सा लेंगे। खत स्याणा कुंवर सिंह, ग्राम प्रधान निर्मला, हुकुम सिंह, जयपाल सिंह राणा, जितेंद्र चौहान, राजेंद्र दत्त, पितांबर दत्त बिजल्वाण आदि का कहना है कि इस साल मानलथात में देवता के 100 साल पुराने देव मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसी खुशी में लोगों ने फिर से पुरानी संस्कृति को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है। मेले के आयोजन पर ठोउड़ा भी खेला जाएगा। बिस्सू मेला देखने के लिए कई गांवों से भी लोग मानलथात पहुंचेंगे।
विज्ञापन