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शुरु हो जोशीमठ पुर्नगठन पेयजल योजना का निर्माण
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:48 PM IST
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जोशीमठ। लोगों ने जोशीमठ पुनर्गठन पेयजल योजना का निर्माण शुरू करने की मांग उठाई है। जोशीमठ में आए दिन पेयजल किल्लत से स्थानीय लोग परेशान हैं।
वर्ष 2014 में जोशीमठ क्षेत्र में जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही एनटीपीसी ने सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर जोशीमठ पुनर्गठन पेयजल योजना निर्माण के लिए 15 करोड़ 82 लाख रुपये देने पर सहमति जताई। वर्ष 2016 में एनटीपीसी ने जल निगम को पहली किस्त के रूप में 35 लाख रुपये भी दिए, लेकिन जल निगम ने प्रोजेक्ट तैयार करने, अधिकारियों-कर्मचारियों की वेतन और वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर संपूर्ण धनराशि खर्च कर दी। पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष व अधिवक्ता रमेश सती का कहना है कि जोशीमठ पुनर्गठन पेयजल योजना के निर्माण के लिए जल्द ही डीएम से भेंट कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। जोशीमठ में औली से सप्लाई हो रही एकमात्र पेयजल योजना से आपूर्ति होती है। गर्मी में पानी की किल्लत बढ़ जाती है। जल निगम के ईई वीके जैन का कहना है कि वन भूमि प्रक्रिया पूर्ण होते ही पेयजल योजना का काम शुरू कर दिया जाएगा। एनटीपीसी से बजट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
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वर्ष 2014 में जोशीमठ क्षेत्र में जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रही एनटीपीसी ने सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर जोशीमठ पुनर्गठन पेयजल योजना निर्माण के लिए 15 करोड़ 82 लाख रुपये देने पर सहमति जताई। वर्ष 2016 में एनटीपीसी ने जल निगम को पहली किस्त के रूप में 35 लाख रुपये भी दिए, लेकिन जल निगम ने प्रोजेक्ट तैयार करने, अधिकारियों-कर्मचारियों की वेतन और वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर संपूर्ण धनराशि खर्च कर दी। पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष व अधिवक्ता रमेश सती का कहना है कि जोशीमठ पुनर्गठन पेयजल योजना के निर्माण के लिए जल्द ही डीएम से भेंट कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। जोशीमठ में औली से सप्लाई हो रही एकमात्र पेयजल योजना से आपूर्ति होती है। गर्मी में पानी की किल्लत बढ़ जाती है। जल निगम के ईई वीके जैन का कहना है कि वन भूमि प्रक्रिया पूर्ण होते ही पेयजल योजना का काम शुरू कर दिया जाएगा। एनटीपीसी से बजट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।