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गैरसैंण राजधानी के लिए संगम तट पर करेंगे उपवास
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:48 PM IST
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कर्णप्रयाग। गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों ने 19 मार्च से 24 घंटे तक उपवास करने की चेतावनी दी है। एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि उपवास कार्यक्रम का आयोजन अलकनंदा और पिंडर के संगम तट पर किया जाएगा।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र मिंगवाल, बसक्वाली के प्रधान देवेंद्र सिंह चौहान, राकेश सिंह कोटियाल, भारती देवी व संजय रावत आदि ने शनिवार को एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि पिछले 17 साल से गैरसैंण मसले का सरकारों ने हाशिए पर डाला है, जबकि गैरसैंण राजधानी बनाए जाने की मांग अलग प्रदेश आंदोलन की रही है। मिंगवाल ने कहा कि गैरसैंण राजधानी के मुद्दे को लेकर बाबा मोहन उत्तराखंडी ने अपनी शहादत दी थी। बावजूद आज तक गैरसैंण को राजधानी का दर्जा नहीं दिया गया। यही नहीं, गैरसैंण में आंदोलन को 100 दिन पूरे हो गए, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस मसले पर कोई निर्णय नहीं लिया। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार गैरसैंण को लेकर चिंतित नहीं है। केवल यहां सत्र का आयोजन कर लोगों के साथ छलावा किया जा रहा है। कहा कि राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की एक सूत्री मांग को लेकर सोमवार से मंगलवार तक संगम तट पर 24 घंटे का उपवास कार्यक्रम किया जाएगा।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र मिंगवाल, बसक्वाली के प्रधान देवेंद्र सिंह चौहान, राकेश सिंह कोटियाल, भारती देवी व संजय रावत आदि ने शनिवार को एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि पिछले 17 साल से गैरसैंण मसले का सरकारों ने हाशिए पर डाला है, जबकि गैरसैंण राजधानी बनाए जाने की मांग अलग प्रदेश आंदोलन की रही है। मिंगवाल ने कहा कि गैरसैंण राजधानी के मुद्दे को लेकर बाबा मोहन उत्तराखंडी ने अपनी शहादत दी थी। बावजूद आज तक गैरसैंण को राजधानी का दर्जा नहीं दिया गया। यही नहीं, गैरसैंण में आंदोलन को 100 दिन पूरे हो गए, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस मसले पर कोई निर्णय नहीं लिया। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार गैरसैंण को लेकर चिंतित नहीं है। केवल यहां सत्र का आयोजन कर लोगों के साथ छलावा किया जा रहा है। कहा कि राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की एक सूत्री मांग को लेकर सोमवार से मंगलवार तक संगम तट पर 24 घंटे का उपवास कार्यक्रम किया जाएगा।
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