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सफाईकर्मियों ने फूंका ट्रस्ट के उप प्रबंधक का पुतला
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/मुनिकीरेती। एक सफाईकर्मी से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के सफाई कर्मचारियों ने स्वर्गाश्रम ट्रस्ट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और ट्रस्ट उप प्रबंधक का पुतला फूंका। मंगलवार को सफाई निरीक्षक राकेश वाल्मीकि के नेतृत्व में कर्मचारियों ने स्वर्गाश्रम स्थित ट्रस्ट कार्यालय पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और करीब एक घंटे सांकेतिक धरना दिया। कर्मचारियों ने बीते दिनों नगर पंचायत कार्यालय में कर्मचारी से हुई बदसलूकी पर ट्रस्ट के उप प्रबंधक से वार्ता करने का प्रयास किया, मगर उप प्रबंधक के द्वारा वार्ता के लिए धरना स्थल पर नहीं आने से गुस्साए कर्मचारियों ने उनका पुतला फूंका।
कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देने भाजपा स्वर्गाश्रम मंडल के कार्यकर्ता भी धरनास्थल पर पहुंचे। सफाई कर्मियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पूर्व प्रधान मनोज राजपूत ने कहा कि ट्रस्ट के उप प्रबंधक द्वारा सफाई कर्मचारियों के साथ की गई बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेताया कि जब तक ट्रस्ट प्रबंधन कर्मचारियों से माफी नहीं मांगता आंदोलन जारी रहेगा।
उधर, स्वर्गाश्रम भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत लाल के नेतृत्व में सफाई कर्मियों व भाजपाइयों ने लक्ष्मणझूला थाने में थाना प्रभारी का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को कर्मचारी से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में उप प्रबंधक और अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई, मगर पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस दौरान थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने उन्हें बताया कि मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी के स्तर से की जानी है। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर रवि वाल्मीकि, प्रकाश, सरोज देवी, कमला देवी, निर्मला, चमन देवी, प्रदीप, जयपाल, राजू, अजय, सचिन सिसौदिया, कमल, नितिन, बबलू, रेखा देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष शकुंतला राजपूत, गोपाल अग्रवाल, अश्वनी गुप्ता, बृजेश चतुर्वेदी, मनीष राजपूत, गुरुपाल बत्रा, मीनाक्षी भंडारी, पूजा आर्य, विनीता शर्मा, आरती आदि मौजूद थे।
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ट्रस्ट ने आंदोलन को बताया निराधार
स्वर्गाश्रम ट्रस्ट ने सफाई कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को निराधार बताया है। इस मामले में स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के प्रबंधक नरेंद्र रावत का कहना है कि नगर पंचायत कार्यालय जिस भूमि पर स्थापित है, वह स्वर्गाश्रम ट्रस्ट की है। बताया कि ट्रस्ट की भूमि की सुरक्षा हमारा दायित्व है। उनका कहना है कि जहां तक जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का सवाल है, मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सकती है।
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कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देने भाजपा स्वर्गाश्रम मंडल के कार्यकर्ता भी धरनास्थल पर पहुंचे। सफाई कर्मियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पूर्व प्रधान मनोज राजपूत ने कहा कि ट्रस्ट के उप प्रबंधक द्वारा सफाई कर्मचारियों के साथ की गई बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चेताया कि जब तक ट्रस्ट प्रबंधन कर्मचारियों से माफी नहीं मांगता आंदोलन जारी रहेगा।
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उधर, स्वर्गाश्रम भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत लाल के नेतृत्व में सफाई कर्मियों व भाजपाइयों ने लक्ष्मणझूला थाने में थाना प्रभारी का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को कर्मचारी से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में उप प्रबंधक और अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई, मगर पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस दौरान थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने उन्हें बताया कि मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी के स्तर से की जानी है। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर रवि वाल्मीकि, प्रकाश, सरोज देवी, कमला देवी, निर्मला, चमन देवी, प्रदीप, जयपाल, राजू, अजय, सचिन सिसौदिया, कमल, नितिन, बबलू, रेखा देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष शकुंतला राजपूत, गोपाल अग्रवाल, अश्वनी गुप्ता, बृजेश चतुर्वेदी, मनीष राजपूत, गुरुपाल बत्रा, मीनाक्षी भंडारी, पूजा आर्य, विनीता शर्मा, आरती आदि मौजूद थे।
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ट्रस्ट ने आंदोलन को बताया निराधार
स्वर्गाश्रम ट्रस्ट ने सफाई कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को निराधार बताया है। इस मामले में स्वर्गाश्रम ट्रस्ट के प्रबंधक नरेंद्र रावत का कहना है कि नगर पंचायत कार्यालय जिस भूमि पर स्थापित है, वह स्वर्गाश्रम ट्रस्ट की है। बताया कि ट्रस्ट की भूमि की सुरक्षा हमारा दायित्व है। उनका कहना है कि जहां तक जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का सवाल है, मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सकती है।