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100 साल बाद कोटा में प्रवेश करेगी देव पालकी
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/कालसी।
चालदा महासू मंदिर प्रबंधन समिति थैना की सोमवार को हुई बैठक में देवता के प्रवास पर विचार-विमर्श किया गया। वर्तमान में देवता खत बमठाड़ के नराया में विराजमान हैं। जहां दो साल का प्रवास काल पूरा होने के बाद अब देवता की पालकी खत तपलाड़ के कोटा में प्रवेश करेगी।
मंदिर समिति के सदस्य बलवीर सिंह भंडारी ने बताया कि 100 साल से भी अधिक के समय के बाद अब देव पालकी खत तपलाड़ में प्रवेश करने जा रही है। बैठक में 24 खतों के वजीरों, स्याणा और मंदिर प्रबंधन समिति से जुड़े लोगों ने प्रतिभाग किया। वजीर स्वराज सिंह तोमर ने बताया कि देवता के प्रवास और रात्रि प्रवास की तिथि 18 मार्च को बैठक में तय होगी। वहीं देवता के आगमन को लेकर खत तपलाड़ के कोटा गांव के लोगों में खासा उत्साह है।बैठक में दीवान सिंह, भंडारी बलबीर सिंह भंडारी, भोपाल सिंह तोमर, तोताराम भट्ट, शशि पाल तोमर, यशपाल सिंह, नरेंद्र भट्ट, प्रताप सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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चालदा महासू मंदिर प्रबंधन समिति थैना की सोमवार को हुई बैठक में देवता के प्रवास पर विचार-विमर्श किया गया। वर्तमान में देवता खत बमठाड़ के नराया में विराजमान हैं। जहां दो साल का प्रवास काल पूरा होने के बाद अब देवता की पालकी खत तपलाड़ के कोटा में प्रवेश करेगी।
मंदिर समिति के सदस्य बलवीर सिंह भंडारी ने बताया कि 100 साल से भी अधिक के समय के बाद अब देव पालकी खत तपलाड़ में प्रवेश करने जा रही है। बैठक में 24 खतों के वजीरों, स्याणा और मंदिर प्रबंधन समिति से जुड़े लोगों ने प्रतिभाग किया। वजीर स्वराज सिंह तोमर ने बताया कि देवता के प्रवास और रात्रि प्रवास की तिथि 18 मार्च को बैठक में तय होगी। वहीं देवता के आगमन को लेकर खत तपलाड़ के कोटा गांव के लोगों में खासा उत्साह है।बैठक में दीवान सिंह, भंडारी बलबीर सिंह भंडारी, भोपाल सिंह तोमर, तोताराम भट्ट, शशि पाल तोमर, यशपाल सिंह, नरेंद्र भट्ट, प्रताप सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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