फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   .......और भाजपा, कांग्रेस रहे निशाने पर

.......और भाजपा, कांग्रेस रहे निशाने पर

Sat, 10 Mar 2018 10:48 PM IST
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
.......और भाजपा, कांग्रेस रहे निशाने पर

विज्ञापन
गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग पर हुई महापंचायत में जहां आंदोलन को धार देने के लिए रणनीति बनी, वहीं प्रदेश में अब तक सत्तासीन रही भाजपा और कांग्रेस की सरकारें और उनके मुखिया भी निशाने पर रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि अब तक बने सभी सरकारों के मुखिया जमीन से जुड़े रहे जिसका परिणाम रहा कि देहरादून से लेकर पिथौरागढ़ तक की उपजाऊ जमनी को उद्योगपतियों के हाथों गवांया गया। यही नहीं मूल निवास को स्थायी निवास में बदलकर राज्य से बाहर के लोगों को लाभ पहुंचाने की रणनीति बताई गई। पलायन आयोग को सरकार का झुनझुना बताया गया।
वक्ताओं ने भाजपा और कांग्रेस की सरकारों को कोसा। उक्रांद के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि राज्य के संविधान में साफ है कि राज्य की निर्वाचित सरकार के प्रतिनिधि राजधानी को तय कर सकते हैं और प्रचंड बहुमत की इस सरकार को यह कदम उठाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के पीसी तिवारी ने नैनीसार में जिंदल कंपनी को किसानों की उपजाऊ भूमि देने और गैरसैंण की उपेक्षा पर भाजपा और कांग्रेस सरकार को घेरा, तो वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से सहारनपुर को, काबीना मंत्री डा. हरक सिंह रावत के उप्र के 76 गांवों को उत्तराखंड में मिलाने की भी जमकर आलोचना की गई। चारु तिवारी ने दोनों दलों को पहाड़ विरोधी बताते हुए कहा कि सरकारों के मुखिया पहाड़ों पर बांध बनाकर पहाड़ को बर्बाद करना चाहते हैं।
विज्ञापन


यह सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक लड़ाई है। बदलाव हमेशा नौजवान करता है। इस समय नौजवान आंदोलित है। जिससे पूरा भरोसा है कि इस बार राज्य में बदलाव आएगा। गैरसैंण राजधानी एक जगह का नाम है एक ऐसा विचार है जो उत्तराखंड को नए राज्य के रूप में स्थापित करेगा और आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करेगा। - कमला पंत, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी और अध्यक्ष उत्तराखंड महिला मंच।
विज्ञापन
विज्ञापन


18 सालों में प्रदेश की सत्ता केवल कांग्रेस और भाजपा के पास रही है, जिसके चलते गैरसैंण एक फुटबाल बनकर रह गया है। थराली विधानसभा उपचुनाव, निकाय और पंचायत सहित लोक सभा में गैरसैंण की उपेक्षा करने वाले दलों को उखाड़ फेंकना होगा और सड़क पर लड़ाई लड़ने वालों को सदन में भेजना होगा। - मनीष सुंदरियाल, संयोजक उत्तराखंड बेरोजगार मंच।

गैरसैंण राजधानी को लेकर युवा जुड़ रहा है। और यह आंदोलन राजधानी ही नहीं बल्कि राज्य की दशा और दिशा में तय करेगा। राजधानी आंदोलन के लिए पूरे प्रदेश के युवाओं को एकजुट किया जाएगा। - मोहित डिमरी, राजधानी आंदोलनकारी, रुद्रप्रयाग।


राजधानी आंदोलन के प्रदेश के कोने कोने में फैलाया जाएगा। आंदोलन में महिलाओं और युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ा जाएगा, जिसके लिए समिति विशेष रणनीति के तहत काम करेगी। - चारु तिवारी वरिष्ठ पत्रकार और राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed