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आंदोलन कर रूप लेने लगा है गैरसैंण राजधानी का मुद्दा
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:24 PM IST
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कर्णप्रयाग। स्थायी राजधानी गैरसैंण का मुद्दा जिले के विभिन्न स्थानों पर उग्र आंदोलन का रूप लेने लगा है। राजधानी के मामले में गैरसैंण स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति की ओर से 10 मार्च को बुलाई गई प्रदेशव्यापी महापंचायत में शामिल होने के लिए देवाल, नारायणबगड़ और आदिबदरी में तैयारियां चल रही हैं।
नारायणबगड़ प्रधान संगठन के अध्यक्ष एमडी चंदोला का कहना है कि राज्य बनने के बाद न सुविधाएं जुटीं और न ही पलायन रुका। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं देहरादून और हल्द्वानी तक सिमट गई। ऐसे में सरकार का पहाड़ में होना जरूरी है। स्थायी राजधानी संघर्ष समिति से जुड़े नरेंद्र सिंह का कहना है कि दस मार्च को होने वाली महापंचायत में भारी संख्या में लोग गैरसैंण कूच करेंगे। वहीं देवाल से ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्यों समेत लोगों ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग की। ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने बताया कि गैंरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए पहाड़ के लोग आंदोलित हैं, लेकिन नेता और अफसर पहाड़ में आने के लिए तैयार नहीं है। 10 मार्च की महापंचायत में देवाल के पंचायत प्रतिनिधि भारी संख्या में भाग लेंगे। उन्होंने लोगों से गैरसैंण की महापंचायत में पहुंचने की अपील की। देवाल में लोगों ने सीएम को ज्ञापन भेजकर 20 मार्च से होने वाले बजट सत्र में स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की गई। दूसरी ओर आदिबदरी में महापंचायत और महारैली की तैयारियों को 9 मार्च को बैठक आहूत की गई है। कर्णप्रयाग के राज्य आंदोलनकारी वीरेंद्र मिंगवाल का कहना है कि गैरसैंण राजधानी बनाने से ही राज्य आंदोलन का सपना साकार हो सकता है।
नारायणबगड़ प्रधान संगठन के अध्यक्ष एमडी चंदोला का कहना है कि राज्य बनने के बाद न सुविधाएं जुटीं और न ही पलायन रुका। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं देहरादून और हल्द्वानी तक सिमट गई। ऐसे में सरकार का पहाड़ में होना जरूरी है। स्थायी राजधानी संघर्ष समिति से जुड़े नरेंद्र सिंह का कहना है कि दस मार्च को होने वाली महापंचायत में भारी संख्या में लोग गैरसैंण कूच करेंगे। वहीं देवाल से ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्यों समेत लोगों ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग की। ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने बताया कि गैंरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए पहाड़ के लोग आंदोलित हैं, लेकिन नेता और अफसर पहाड़ में आने के लिए तैयार नहीं है। 10 मार्च की महापंचायत में देवाल के पंचायत प्रतिनिधि भारी संख्या में भाग लेंगे। उन्होंने लोगों से गैरसैंण की महापंचायत में पहुंचने की अपील की। देवाल में लोगों ने सीएम को ज्ञापन भेजकर 20 मार्च से होने वाले बजट सत्र में स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की गई। दूसरी ओर आदिबदरी में महापंचायत और महारैली की तैयारियों को 9 मार्च को बैठक आहूत की गई है। कर्णप्रयाग के राज्य आंदोलनकारी वीरेंद्र मिंगवाल का कहना है कि गैरसैंण राजधानी बनाने से ही राज्य आंदोलन का सपना साकार हो सकता है।
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