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खड्ड में मलबा डालने से क्षतिग्रस्त हुई नहर
Updated Mon, 05 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
बडनू-जोशीगांव मोटर मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान निकलने वाले मलबे को डंप न कर सीधे खड्ड में डाला जा रहा है। जिससे दातनू और जोशीगांव नहरों के हैड क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे फसलें भी सूखने लगी हैं। काश्तकारों ने मांग के समर्थन में अधिशासी अभियंता के साथ ही उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
काश्तकारों ने कहा कि नहरों के हैड क्षतिग्रस्त होने से कई नाली और खेत बंजर हो गए हैं। पूर्व में विभाग ने शीघ्र मलबे को हटाकर हैड मरम्मत का भरोसा दिलाया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीण श्याम दत शर्मा, मायाराम, अमर सिंह, प्रीतम, भीम सिंह, गीता सिंह, चतर सिंह, ज्ञान सिंह, दिनेश आदि का कहना है कि अप्रैल माह में टमाटर, मटर आदि फसलों की बुवाई की जाती है। ऐसे में नहरों के क्षतिग्रस्त होने से खेत बंजर पड़े है। काश्तकार फसल को नहीं लगा पा रहे हैं। कहा यदि विभाग शीघ्र मलबे को हटा हैड की मरम्मत नहीं करता तो उन्हें विभागीय दफ्तर में तालाबंदी को बाध्य होना पड़ेगा। लोनिवि के अवर अभियंता प्रशांत कुमार का कहना है कि मामले में ठेकेदार को निर्देशित किया जा चुका है। जल्द ही क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कराई जाएगी।
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बडनू-जोशीगांव मोटर मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान निकलने वाले मलबे को डंप न कर सीधे खड्ड में डाला जा रहा है। जिससे दातनू और जोशीगांव नहरों के हैड क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे फसलें भी सूखने लगी हैं। काश्तकारों ने मांग के समर्थन में अधिशासी अभियंता के साथ ही उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
काश्तकारों ने कहा कि नहरों के हैड क्षतिग्रस्त होने से कई नाली और खेत बंजर हो गए हैं। पूर्व में विभाग ने शीघ्र मलबे को हटाकर हैड मरम्मत का भरोसा दिलाया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीण श्याम दत शर्मा, मायाराम, अमर सिंह, प्रीतम, भीम सिंह, गीता सिंह, चतर सिंह, ज्ञान सिंह, दिनेश आदि का कहना है कि अप्रैल माह में टमाटर, मटर आदि फसलों की बुवाई की जाती है। ऐसे में नहरों के क्षतिग्रस्त होने से खेत बंजर पड़े है। काश्तकार फसल को नहीं लगा पा रहे हैं। कहा यदि विभाग शीघ्र मलबे को हटा हैड की मरम्मत नहीं करता तो उन्हें विभागीय दफ्तर में तालाबंदी को बाध्य होना पड़ेगा। लोनिवि के अवर अभियंता प्रशांत कुमार का कहना है कि मामले में ठेकेदार को निर्देशित किया जा चुका है। जल्द ही क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कराई जाएगी।
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