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ब्रह्मलीन स्वामी सचिदानंद को दी भू समाधि
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/मुनिकीरेती।
सच्चिदानंद आश्रम शीशमझाड़ी के संस्थापक स्वामी सच्चिदानंद वेदांताचार्य बीते बुधवार देर शाम ब्रह्मलीन हो गए थे। अनुयायियों ने बृहस्पतिवार को आश्रम पहुंचकर ब्रह्मलीन वेदांताचार्य के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद आश्रम परिसर में वेदांताचार्य को भू समाधि दे दी गई।
शीशमझाड़ी स्थित सच्चिदानंद आश्रम के संस्थापक स्वामी सचिदानंद वेदांताचार्य बुधवार देर शाम ब्रह्मलीन हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को आश्रम परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान भक्तों ने स्वामी के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर अंतिम दर्शन किए। इसके बाद संतों व अनुयायियों ने ब्रह्मलीन संत वेदांताचार्य के पार्थिव शरीर को डोली में सजाकर बाजेगाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। इसके बाद वेद मंत्रोचारण के बीच आश्रम परिसर में ही समाधि दी गई। आश्रम की प्रवक्ता साध्वी रामप्रिया ने बताया कि स्वामी वेदांताचार्य वेद, पुराण आदि धर्मग्रंथों के अच्छे जानकार थे। इसके लिए उन्हें काशी विश्वविद्यालय द्वारा दो बार गोल्ड मेडल भी मिला। इसके अलावा स्वामीजी श्रीमद्भागवत कथा व शिवपुराण के बेहतरीन वक्ता थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मुनिकीरेती नगर पालिका अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, रामदेव पाठी, महंत महिमानंद, चेतनस्वरूप ब्रह्मचारी, गंगानंद समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
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सच्चिदानंद आश्रम शीशमझाड़ी के संस्थापक स्वामी सच्चिदानंद वेदांताचार्य बीते बुधवार देर शाम ब्रह्मलीन हो गए थे। अनुयायियों ने बृहस्पतिवार को आश्रम पहुंचकर ब्रह्मलीन वेदांताचार्य के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद आश्रम परिसर में वेदांताचार्य को भू समाधि दे दी गई।
शीशमझाड़ी स्थित सच्चिदानंद आश्रम के संस्थापक स्वामी सचिदानंद वेदांताचार्य बुधवार देर शाम ब्रह्मलीन हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को आश्रम परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान भक्तों ने स्वामी के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर अंतिम दर्शन किए। इसके बाद संतों व अनुयायियों ने ब्रह्मलीन संत वेदांताचार्य के पार्थिव शरीर को डोली में सजाकर बाजेगाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। इसके बाद वेद मंत्रोचारण के बीच आश्रम परिसर में ही समाधि दी गई। आश्रम की प्रवक्ता साध्वी रामप्रिया ने बताया कि स्वामी वेदांताचार्य वेद, पुराण आदि धर्मग्रंथों के अच्छे जानकार थे। इसके लिए उन्हें काशी विश्वविद्यालय द्वारा दो बार गोल्ड मेडल भी मिला। इसके अलावा स्वामीजी श्रीमद्भागवत कथा व शिवपुराण के बेहतरीन वक्ता थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मुनिकीरेती नगर पालिका अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, रामदेव पाठी, महंत महिमानंद, चेतनस्वरूप ब्रह्मचारी, गंगानंद समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
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