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जन प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से की सचिवों की न्यायोचित मांगों के निराकरण करने की पहल

Wed, 28 Feb 2018 10:44 PM IST
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:44 PM IST
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जन प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से की सचिवों की न्यायोचित मांगों के निराकरण करने की पहल

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कर्णप्रयाग/नारायणबगड़। साधन सहकारी समितियों में हड़ताल के चलते जहां ऋण जमा और वितरण के काम लटक गए हैं, वहीं मिनी बैंकों में कामकाज ठप पड़ा है। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना करना पड़ रहा है।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने, ग्रेड पे 2800 करने सहित बजट में सचिवों के वेतन का निर्धारण करने की मांग और मिनी बैंकों में काम करने वाले व्यवस्था पर तैनात कर्मियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर साधन सहकारी समिति सचिव परिषद और आंकिक कर्मचारी संगठन 19 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मी मांगों को लेकर देहरादून में आंदोलित हैं और समितियों तथा मिनी बैंकों पर ताले लटके हैं। ऐसे में काश्तकारों और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नारायणबगड़ के जाखपाट्यूं गांव के दिव्यांग बलवीर लाल ने बताया कि हड़ताल से कृषि ऋण का भुगतान नहीं हो पा रहा है। साधन सहकारी समिति भगोती के अध्यक्ष जगदीश्वर सिंह नेगी और कांग्रेस के कर्णप्रयाग नगर अध्यक्ष महेश खंडूड़ी ने बताया कि राज्य सरकार को किसानों की समस्याओं के दृष्टिगत सचिवों की मांगों के निराकरण की दिशा में सकारात्मक प्रयास करना चाहिए। दूसरी ओर साधन सहकारी समिति सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष आरएस मिंगवाल का कहना है कि आंदोलन को दस दिन बीत गए, लेकिन सहकारिता विभाग या सहकारिता मंत्री से वार्ता नहीं हो पाई है।
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