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अनशनकारियों को उठाने प्रशासन के साथ पहुंची थी पुलिस
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:36 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
एसपीएस राजकीय अस्पताल में रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती को मांग को लेकर चार दिनों से चल रहे आमरण-अनशन पर बैठे तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अनशनकारियों को उठाने धरनास्थल पर पहुंची, लेकिन आंदोलनकारियों की भीड़ देखकर सभी उल्टे पांव लौट गए। मंगलवार देर रात करीब नौ बजे फिर से पुलिस ने अनशनकारियों को उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन अनशनकारी डटे रहे। इस दौरान अस्पातल परिसर मेें काफी गहमागहमी रही।
राइट टू हेल्थ संस्था के सदस्य चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर पांच दिन से राजकीय चिकित्सालय परिसर में आमरण-अनशन कर रहे हैं। मंगलवार तड़के करीब दो बजे अनशनकारी गौरव राजपूत, अरविंद हटवाल और चंद्रमोहन की तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सकीय जांच में अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट की पुष्टि होने पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार रेखा आर्य और कोतवाली पुलिस अनशनकारियों को उठाने के लिए अस्पताल पहुंची, लेकिन अनशन स्थल पर आंदोलनकारियों का हुजूम देखते हुए बात नहीं बनी। वहीं आंदोलन को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई देख चार अन्य लोग भी अनशन पर बैठ गए। इनमें सरोजनी थपलियाल, चंद्रकांता जोशी, विनोद जुगलाण और उत्तम सिंह असवाल शामिल हैं। इस दौरान अनशनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार मांग पूरी नहीं करती, अनशन जारी रहेगा। इस मौके पर समाजसेवी डॉ. राजे सिंह नेगी, व्यापारी नेता जयदत्त शर्मा, हर्षित गुप्ता, हिमित कक्कड़, रवप्रीत छाबड़ा, विजय पंवार, दिनेश कोठारी, योगेश शर्मा, महावीर उपाध्याय, राजकुमार अग्रवाल, पवन शर्मा आदि मौजूद थे। वहीं एसएसआई अमरदीप रावत ने बताया कि मंगलवार रात नौ बजे अनशनकारियों से आंदोलन खत्म करने के लिए कहा गया था, लेकिन तहसीलदार रेखा आर्य के हस्तक्षेप के बाद भी अनशनकारी नहीं माने। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम लौट गई।
कांग्रेस और सपा ने दिया समर्थन
सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती के लिए आंदोलनरत राइट टू हेल्थ संस्था के सदस्यों को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को समर्थन दिया। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेेश महासचिव राजपाल खरोला, जिला पंचायत सदस्य सुनीता उपाध्याय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयेंद्र रमोला, नगर अध्यक्ष विनय सारस्वत, शिवमोहन मिश्रा, मधु जोशी आदि मौजूद रहे। उधर, सपा के नगर अध्यक्ष अशोक ग्रोवर ने भी आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया है।
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चिकित्सकों की तैनाती की मांग को लेकर आमरण-अनशन करने का मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा है। अनशन के दौरान किसी आंदोलनकारी की तबीयत बिगड़ती है, तो उसे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा कदम उठाएगा।
हर गिरि
एसडीएम, ऋषिकेश
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एसपीएस राजकीय अस्पताल में रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती को मांग को लेकर चार दिनों से चल रहे आमरण-अनशन पर बैठे तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अनशनकारियों को उठाने धरनास्थल पर पहुंची, लेकिन आंदोलनकारियों की भीड़ देखकर सभी उल्टे पांव लौट गए। मंगलवार देर रात करीब नौ बजे फिर से पुलिस ने अनशनकारियों को उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन अनशनकारी डटे रहे। इस दौरान अस्पातल परिसर मेें काफी गहमागहमी रही।
राइट टू हेल्थ संस्था के सदस्य चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर पांच दिन से राजकीय चिकित्सालय परिसर में आमरण-अनशन कर रहे हैं। मंगलवार तड़के करीब दो बजे अनशनकारी गौरव राजपूत, अरविंद हटवाल और चंद्रमोहन की तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सकीय जांच में अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट की पुष्टि होने पर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार रेखा आर्य और कोतवाली पुलिस अनशनकारियों को उठाने के लिए अस्पताल पहुंची, लेकिन अनशन स्थल पर आंदोलनकारियों का हुजूम देखते हुए बात नहीं बनी। वहीं आंदोलन को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई देख चार अन्य लोग भी अनशन पर बैठ गए। इनमें सरोजनी थपलियाल, चंद्रकांता जोशी, विनोद जुगलाण और उत्तम सिंह असवाल शामिल हैं। इस दौरान अनशनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार मांग पूरी नहीं करती, अनशन जारी रहेगा। इस मौके पर समाजसेवी डॉ. राजे सिंह नेगी, व्यापारी नेता जयदत्त शर्मा, हर्षित गुप्ता, हिमित कक्कड़, रवप्रीत छाबड़ा, विजय पंवार, दिनेश कोठारी, योगेश शर्मा, महावीर उपाध्याय, राजकुमार अग्रवाल, पवन शर्मा आदि मौजूद थे। वहीं एसएसआई अमरदीप रावत ने बताया कि मंगलवार रात नौ बजे अनशनकारियों से आंदोलन खत्म करने के लिए कहा गया था, लेकिन तहसीलदार रेखा आर्य के हस्तक्षेप के बाद भी अनशनकारी नहीं माने। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम लौट गई।
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कांग्रेस और सपा ने दिया समर्थन
सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती के लिए आंदोलनरत राइट टू हेल्थ संस्था के सदस्यों को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को समर्थन दिया। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेेश महासचिव राजपाल खरोला, जिला पंचायत सदस्य सुनीता उपाध्याय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयेंद्र रमोला, नगर अध्यक्ष विनय सारस्वत, शिवमोहन मिश्रा, मधु जोशी आदि मौजूद रहे। उधर, सपा के नगर अध्यक्ष अशोक ग्रोवर ने भी आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया है।
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चिकित्सकों की तैनाती की मांग को लेकर आमरण-अनशन करने का मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा है। अनशन के दौरान किसी आंदोलनकारी की तबीयत बिगड़ती है, तो उसे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा कदम उठाएगा।
हर गिरि
एसडीएम, ऋषिकेश