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महिलाएं बोली ले के रहेंगे राजधानी
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:08 PM IST
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गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान गैरसैंण राजधानी के नारों से गूंज उठा। आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए पहुंची महिलाओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि प्रदेश की राजधानी गैरसैंण बनाने के लिए आंदोलन उग्र किया जाएगा।
रामलीला मैदान में स्थायी राजधानी को लेकर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने पहुंची महिला मंगल दल अध्यक्ष कस्तूरा देवी, पुष्पा, मीना, देवेश्वरी, पार्वती, हीरा, भागा और सरिता आदि ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं ने अपनी शहादत दी, लेकिन प्रदेश के नीति नियंताओं ने इसे प्रदेश की राजधानी घोषित न कर पहाड़, राज्य आंदोलनकारियों और महिलाओं के साथ छलावा किया है। इधर पांचवें दिन भी आमरण अनशन पर बैठे रवि भारती और प्रवीण सिंह का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा. मनीभूषण पंत ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। डा. पंत ने कहा कि दोनों आंदोलनकारियों के शरीर में डिहाइड्रेशन पाया गया है। साथ ही वजन एक किलो गिरा है। इस दौरान आंदोलनकारियों ने गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर नारेबाजी की। समर्थन देने वालों में टेंटुड़ा के प्रधान चंद्र सिंह, समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, धनीराम, गोपाल दत्त पंत, नंदन नेगी, मंजू विष्ट, कमला पंवार, लक्ष्मण पंवार, वीरेंद्र जाशी, पूरन सिंह नेगी और पूर्व व्यापार संघ के अध्यक्ष पुष्कर सिंह रावत आदि शामिल रहे।
रामलीला मैदान में स्थायी राजधानी को लेकर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने पहुंची महिला मंगल दल अध्यक्ष कस्तूरा देवी, पुष्पा, मीना, देवेश्वरी, पार्वती, हीरा, भागा और सरिता आदि ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं ने अपनी शहादत दी, लेकिन प्रदेश के नीति नियंताओं ने इसे प्रदेश की राजधानी घोषित न कर पहाड़, राज्य आंदोलनकारियों और महिलाओं के साथ छलावा किया है। इधर पांचवें दिन भी आमरण अनशन पर बैठे रवि भारती और प्रवीण सिंह का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा. मनीभूषण पंत ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। डा. पंत ने कहा कि दोनों आंदोलनकारियों के शरीर में डिहाइड्रेशन पाया गया है। साथ ही वजन एक किलो गिरा है। इस दौरान आंदोलनकारियों ने गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर नारेबाजी की। समर्थन देने वालों में टेंटुड़ा के प्रधान चंद्र सिंह, समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, धनीराम, गोपाल दत्त पंत, नंदन नेगी, मंजू विष्ट, कमला पंवार, लक्ष्मण पंवार, वीरेंद्र जाशी, पूरन सिंह नेगी और पूर्व व्यापार संघ के अध्यक्ष पुष्कर सिंह रावत आदि शामिल रहे।
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