{"_id":"5a8dd6114f1c1ba3268bb87e","slug":"151924503420-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य आंदोलनकारियों को दी जाए मासिक पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य आंदोलनकारियों को दी जाए मासिक पेंशन
Updated Thu, 22 Feb 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/विकासनगर।
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण और मासिक पेंशन देने की मांग पर भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। पत्र में कहा कि प्रदेश में कई ऐसे राज्य आंदोलनकारी हैं जिन्होंने राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाई। लेकिन अब तक आंदोलनकारियों का चिन्हिकरण नहीं हो सका है। कई आंदोलनकारियों के पास दो वक्त की रोटी तक के लिए पैसे नहीं है। ऐसे में सरकार को राज्य आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन शुरू करनी चाहिए। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को आरक्षण देने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष संदीप दुबे, उपाध्यक्ष विष्णु दुबे, पंजाब सिंह मजीठिया, विमल तोमर, निक्कू, जोगिंदर बेदी, पारस कन्नौजिया, राहुल कन्नौजिया, रवि कन्नौजिया, मनोज बेलवाल, कामिल खान, साहिल पठान, शुभम कुमार, अंकित, विकास चौधरी, मनमोहन सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण और मासिक पेंशन देने की मांग पर भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। पत्र में कहा कि प्रदेश में कई ऐसे राज्य आंदोलनकारी हैं जिन्होंने राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाई। लेकिन अब तक आंदोलनकारियों का चिन्हिकरण नहीं हो सका है। कई आंदोलनकारियों के पास दो वक्त की रोटी तक के लिए पैसे नहीं है। ऐसे में सरकार को राज्य आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन शुरू करनी चाहिए। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को आरक्षण देने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में जिलाध्यक्ष संदीप दुबे, उपाध्यक्ष विष्णु दुबे, पंजाब सिंह मजीठिया, विमल तोमर, निक्कू, जोगिंदर बेदी, पारस कन्नौजिया, राहुल कन्नौजिया, रवि कन्नौजिया, मनोज बेलवाल, कामिल खान, साहिल पठान, शुभम कुमार, अंकित, विकास चौधरी, मनमोहन सिंह आदि मौजूद रहे।