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‘सौभाग्य’ से छंटेगा खेड़ों का अंधियारा
Updated Thu, 22 Feb 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/साहिया।
आजादी के 70 साल बाद भी बिजली की बाट जोह रहे जनपद के 308 खेड़ों और मजरों से जल्द अंधियारा छंटेगा। इन खेड़ों और मजरों में बिजली पहुंचाने को केंद्र सरकार की सौभाग्य विद्युतीकरण योजना के तहत 65 करोड़ की लागत से विद्युतीकरण कार्य कराया जाएगा। केंद्र से बजट की मंजूरी के साथ आधी रकम यूपीसीएल को मिल गई है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद मार्च के अंत तक विद्युतीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि जनपद में 308 खेड़ें और मजरें हैं। इनमें से अधिकांश खेड़ें और मजरें जौनसार बावर क्षेत्र में है। आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी यहां अब तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। यहां रहने वाले लोगों को लालटेन और जोक्टी के सहारे रात काटनी पड़ती है। बच्चों को पढ़ाई करने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बिजली न होने से कृषि उत्पादन पर भी असर पड़ता है। केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना से अब इन खेड़ों में बिजली पहुंचेगी। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार से स्वीकृत बजट की आधी रकम विभाग को मिल गई है। सर्वे के बाद मार्च के अंत तक यहां विद्युतीकरण का कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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मुफ्त कनेक्शन भी दिया जाएगा
सौभाग्य योजना के तहत विद्युत लाइन लगाने के साथ ही लोगों को 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर मुफ्त कनेक्शन भी दिए जाएंगे। जिन लोगों के नाम इस जनगणना में नहीं होंगे, उन्हें कनेक्शन के लिए 500 रुपये दस आसान किस्तों में देने होंगे। जहां तक बिजली पहुंचानी संभव नहीं होगी, वहां योजना के तहत हर घर को एक सोलर पैक दिया जाएगा। जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा।
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लोगाें में खुशी की लहर
सौभाग्य योजना से खेड़ों और मजरों में विद्युतीकरण कार्य के लिए बजट जारी होने पर लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अमर सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह पंवार, बिट्टू पंवार आदि का कहना है कि खेड़ों के रोशन होने से सबसे बड़ा फायदा बच्चों को होगा। गांव में भी सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। अभी तो मोबाइल चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे गांव जाना पड़ता है।
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जौनसार बावर में सर्वे पूरा
विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार यादव ने जौनसार बावर क्षेत्र अंतर्गत गंजरवाड़ा, छानधारा, सलखेता, पिसोगी, देवकी, सोगोना, बेलवाधार, खनार खेड़ा, बणिया, सारोगी, गठोण डांडा, उभरोना खेड़ा, देवई डांडा, झोरोली समेत अन्य खेड़ों और मजरों में विद्युतीकरण कार्य के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। मार्च के अंत तक कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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किस ब्लॉक में कितने खेड़ें-मजरें
चकराता-कालसी: 283
सहसुपर, रायपुर और डोईवाला:: 25
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मूल खबर।
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45 खेड़ों का जल्द छंटेगा अंधियारा
इन खेड़ों के विद्युतीकरण को मिली हरी झंडी
मार्च के अंत तक शुरू होगा कार्य
त्यूनी। सब कुछ योजना अनुसार रहा तो जल्द ही जौनसर बावर के 45 खेड़े और मंजरे रोशनी से जगमगाते हुए नजर आएंगे। आजादी के 70 साल से ये खेड़े रोशनी की राह ताक रहे हैं। ऐसे में अब वर्ष 2018 में इन खेड़ों के रोशन होने की उम्मीद जगी है। विभाग ने इन गांव को रोशन करने के लिए सर्वे कार्य भी पूरा हो चुका है। जिससे लोगों में उत्साह है। इन गांव का इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम, पं. दीनदयाल उपाध्याय और सौभाग्य विद्युुतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण किया जाएगा। मालूम हो कि अब भी जौनसार बावर क्षेत्र में करीब 100 ऐसे खेड़े और मंजरे हैं जहां पर लाइट नहीं है। इन गांव में आज भी ग्रामीणों को लालटेन और जोक्टी के सहारे रात काटनी पड़ती है। ऐसे में इन खेड़ों और मजरों के रोशन होने से लोगों को खासा राहत मिलेगी।
अमर सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह पंवार, बिट्टू पंवार आदि का कहना है कि खेड़ों के रोशन होने से सबसे बड़ा फायदा बच्चों को होगा। गांव में भी सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। अभी तो मोबाइल चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे गांव जाना पड़ता है।
सहायक अभियंता अशोक कुमार यादव ने कहा कि मार्च माह के अंत तक विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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ये खेड़े होंगे रोशन
जौनसार बावर क्षेत्र अंतर्गत गंजरवाड़ा, छानधारा, सलखेता, पिसोगी, देवकी, सोगोना, बेलवाधार, खनार खेड़ा, बणिया, सारोगी, गठोण डांडा, उभरोना खेड़ा, देवई डांडा, झोरोली
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आजादी के 70 साल बाद भी बिजली की बाट जोह रहे जनपद के 308 खेड़ों और मजरों से जल्द अंधियारा छंटेगा। इन खेड़ों और मजरों में बिजली पहुंचाने को केंद्र सरकार की सौभाग्य विद्युतीकरण योजना के तहत 65 करोड़ की लागत से विद्युतीकरण कार्य कराया जाएगा। केंद्र से बजट की मंजूरी के साथ आधी रकम यूपीसीएल को मिल गई है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद मार्च के अंत तक विद्युतीकरण का काम शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि जनपद में 308 खेड़ें और मजरें हैं। इनमें से अधिकांश खेड़ें और मजरें जौनसार बावर क्षेत्र में है। आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी यहां अब तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। यहां रहने वाले लोगों को लालटेन और जोक्टी के सहारे रात काटनी पड़ती है। बच्चों को पढ़ाई करने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बिजली न होने से कृषि उत्पादन पर भी असर पड़ता है। केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना से अब इन खेड़ों में बिजली पहुंचेगी। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार से स्वीकृत बजट की आधी रकम विभाग को मिल गई है। सर्वे के बाद मार्च के अंत तक यहां विद्युतीकरण का कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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मुफ्त कनेक्शन भी दिया जाएगा
सौभाग्य योजना के तहत विद्युत लाइन लगाने के साथ ही लोगों को 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर मुफ्त कनेक्शन भी दिए जाएंगे। जिन लोगों के नाम इस जनगणना में नहीं होंगे, उन्हें कनेक्शन के लिए 500 रुपये दस आसान किस्तों में देने होंगे। जहां तक बिजली पहुंचानी संभव नहीं होगी, वहां योजना के तहत हर घर को एक सोलर पैक दिया जाएगा। जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा।
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लोगाें में खुशी की लहर
सौभाग्य योजना से खेड़ों और मजरों में विद्युतीकरण कार्य के लिए बजट जारी होने पर लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अमर सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह पंवार, बिट्टू पंवार आदि का कहना है कि खेड़ों के रोशन होने से सबसे बड़ा फायदा बच्चों को होगा। गांव में भी सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। अभी तो मोबाइल चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे गांव जाना पड़ता है।
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जौनसार बावर में सर्वे पूरा
विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार यादव ने जौनसार बावर क्षेत्र अंतर्गत गंजरवाड़ा, छानधारा, सलखेता, पिसोगी, देवकी, सोगोना, बेलवाधार, खनार खेड़ा, बणिया, सारोगी, गठोण डांडा, उभरोना खेड़ा, देवई डांडा, झोरोली समेत अन्य खेड़ों और मजरों में विद्युतीकरण कार्य के लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। मार्च के अंत तक कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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किस ब्लॉक में कितने खेड़ें-मजरें
चकराता-कालसी: 283
सहसुपर, रायपुर और डोईवाला:: 25
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मूल खबर।
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45 खेड़ों का जल्द छंटेगा अंधियारा
इन खेड़ों के विद्युतीकरण को मिली हरी झंडी
मार्च के अंत तक शुरू होगा कार्य
त्यूनी। सब कुछ योजना अनुसार रहा तो जल्द ही जौनसर बावर के 45 खेड़े और मंजरे रोशनी से जगमगाते हुए नजर आएंगे। आजादी के 70 साल से ये खेड़े रोशनी की राह ताक रहे हैं। ऐसे में अब वर्ष 2018 में इन खेड़ों के रोशन होने की उम्मीद जगी है। विभाग ने इन गांव को रोशन करने के लिए सर्वे कार्य भी पूरा हो चुका है। जिससे लोगों में उत्साह है। इन गांव का इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम, पं. दीनदयाल उपाध्याय और सौभाग्य विद्युुतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण किया जाएगा। मालूम हो कि अब भी जौनसार बावर क्षेत्र में करीब 100 ऐसे खेड़े और मंजरे हैं जहां पर लाइट नहीं है। इन गांव में आज भी ग्रामीणों को लालटेन और जोक्टी के सहारे रात काटनी पड़ती है। ऐसे में इन खेड़ों और मजरों के रोशन होने से लोगों को खासा राहत मिलेगी।
अमर सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह पंवार, बिट्टू पंवार आदि का कहना है कि खेड़ों के रोशन होने से सबसे बड़ा फायदा बच्चों को होगा। गांव में भी सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। अभी तो मोबाइल चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे गांव जाना पड़ता है।
सहायक अभियंता अशोक कुमार यादव ने कहा कि मार्च माह के अंत तक विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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ये खेड़े होंगे रोशन
जौनसार बावर क्षेत्र अंतर्गत गंजरवाड़ा, छानधारा, सलखेता, पिसोगी, देवकी, सोगोना, बेलवाधार, खनार खेड़ा, बणिया, सारोगी, गठोण डांडा, उभरोना खेड़ा, देवई डांडा, झोरोली