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आंदोलन को समर्थन देने कुमाऊं से भारी संख्या में पहुंचे लोग
Updated Mon, 19 Feb 2018 10:28 PM IST
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गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर रामलीला मैदान में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार को कुमाऊं से भारी संख्या में लोग पहुंचे। चौखुटिया के जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में यहां पहुंचे जनप्रतिनिधियों और लोगों ने कहा कि पहाड़ की समस्याओं के निस्तारण और विकास का एक मात्र विकल्प पहाड़ की राजधानी गैरसैंण को बनाया जाना है। कहा गया यदि सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान एसडीएम स्मृता परमार के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा गया।
रामलीला मैदान में स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग को लेकर 26 जनवरी से आमरण अनशन किया जा रहा है। रविवार तड़के यहां आमरण अनशन करने वाले कृष्णा नेेगी, कमला पंवार और जसवंत सिंह को प्रशासन की ओर से जबरन उठाने के बाद रविवार शाम को चौखुटिया के रवि भारती आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्हें समर्थन देने के लिए सोमवार को कुमाऊं के चौखुटिया सहित आसपास के लोग भारी संख्या में पहुंचे। रामलीला मैदान में आयोजित सभा में जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य बनने के बाद आम लोगों को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि बेरोजगारी, जंगली जानवरों और पहाड़ में शराब माफियाओं का जाल सरकारों ने बिछाया है। इससे पहाड़ में पलायन चरम पर हुआ। वक्ताओं ने कहा यदि पहाड़ को खुशहाल प्रदेश बनाना है तो आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को राजधानी बनाना होगा। समर्थन देने वालों में गोपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, विशन सिंह, चंद्रमोहन जोशी, वर्मानंद, शालिगराम, महेशानंद, गंगा सिंह रावत, किशनानंद, नारायण सिंह, हरीश पंत, आनंद सिंह, मनोहर संगेला सहित महिला मंगल दल भनोटिया, टटल गांव, सिमलखेत, कुनीगाड़, रिवाड़ी, जमण्यां, रामपुर आदि शामिल थे। इस अवसर पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि जल्द समिति का विस्तार कर आंदोलन तेज किया जाएगा।
रामलीला मैदान में स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग को लेकर 26 जनवरी से आमरण अनशन किया जा रहा है। रविवार तड़के यहां आमरण अनशन करने वाले कृष्णा नेेगी, कमला पंवार और जसवंत सिंह को प्रशासन की ओर से जबरन उठाने के बाद रविवार शाम को चौखुटिया के रवि भारती आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्हें समर्थन देने के लिए सोमवार को कुमाऊं के चौखुटिया सहित आसपास के लोग भारी संख्या में पहुंचे। रामलीला मैदान में आयोजित सभा में जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य बनने के बाद आम लोगों को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि बेरोजगारी, जंगली जानवरों और पहाड़ में शराब माफियाओं का जाल सरकारों ने बिछाया है। इससे पहाड़ में पलायन चरम पर हुआ। वक्ताओं ने कहा यदि पहाड़ को खुशहाल प्रदेश बनाना है तो आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को राजधानी बनाना होगा। समर्थन देने वालों में गोपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, विशन सिंह, चंद्रमोहन जोशी, वर्मानंद, शालिगराम, महेशानंद, गंगा सिंह रावत, किशनानंद, नारायण सिंह, हरीश पंत, आनंद सिंह, मनोहर संगेला सहित महिला मंगल दल भनोटिया, टटल गांव, सिमलखेत, कुनीगाड़, रिवाड़ी, जमण्यां, रामपुर आदि शामिल थे। इस अवसर पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि जल्द समिति का विस्तार कर आंदोलन तेज किया जाएगा।
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