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गबेला गांव में एक सप्ताह से पानी का संकट
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/साहिया।
गबेला गांव में बीते एक सप्ताह से पानी का संकट बना हुआ है। ग्रामीणों को एक किमी दूर स्थित पनियार खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा हैं। पूरा दिन पानी की निकासी में निकल जाता है। जिससे लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई हैं।
गांव में महासू देवता और कुकुर्सी देवता का मंदिर भी है। ऐसे में मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। गबेला गांव में 52 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीण भगत राम शर्मा, दिनेश वर्मा, आनंद शर्मा का कहना है कि तीन दशक पूर्व गांव के लिए हाजा खड्ड से चार किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाई गई थी। जो अब मरम्मत के अभाव में जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। अब स्रोत पर जल स्तर घटते ही गांव में पानी का संकट बना हुआ है। यही हाल रहा तो गर्मी में लोगों को भीषण जल संकट से जूझना पड़ सकता हैं। ग्रामीणों को कपड़े और बर्तन धोने तक के लिए एक किमी दूर खड्ड पर जाना पड़ रहा हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी गैरोला ने बतया कि मामले में जेई से रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही पेयजल समस्या को दूर किया जाएगा।
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गबेला गांव में बीते एक सप्ताह से पानी का संकट बना हुआ है। ग्रामीणों को एक किमी दूर स्थित पनियार खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा हैं। पूरा दिन पानी की निकासी में निकल जाता है। जिससे लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई हैं।
गांव में महासू देवता और कुकुर्सी देवता का मंदिर भी है। ऐसे में मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। गबेला गांव में 52 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीण भगत राम शर्मा, दिनेश वर्मा, आनंद शर्मा का कहना है कि तीन दशक पूर्व गांव के लिए हाजा खड्ड से चार किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाई गई थी। जो अब मरम्मत के अभाव में जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। अब स्रोत पर जल स्तर घटते ही गांव में पानी का संकट बना हुआ है। यही हाल रहा तो गर्मी में लोगों को भीषण जल संकट से जूझना पड़ सकता हैं। ग्रामीणों को कपड़े और बर्तन धोने तक के लिए एक किमी दूर खड्ड पर जाना पड़ रहा हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी गैरोला ने बतया कि मामले में जेई से रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही पेयजल समस्या को दूर किया जाएगा।
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