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बौद्घ भिक्षुओं ने लिया स्वच्छता का संकल्प
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/मुनिकीरेती । परमार्थ निकेतन में दो माह के प्रवास के बाद बौद्घ धर्म के अनुयायियों ने विदाई ली। विदाई से पूर्व उन्होंने गंगा तट पर आयोजित गंगा आरती में प्रतिभाग किया। इस दौरान बौद्घ धर्मावलंबियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संवर्धन का संकल्प भी लिया। आश्रम की ओर से बताया गया कि लद्दाख से आए बौद्घ भिक्षुओं का दल दो माह से आश्रम में था। इस दौरान उन्होंने भागवत गीता, भारतीय आध्यात्म और जीवन मूल्यों आदि विषय की तालीम ली। साथ ही परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि के सानिध्य में जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता का प्रशिक्षण भी लिया।
दल लद्दाख में लामा और अन्य बौद्घ भिक्षुओं को इस बाबत प्रशिक्षित करेगा। इस दौरान बौद्घ भिक्षुओं ने आश्रम में बिताए गए क्षणों के अनुभव साझा किए। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि लद्दाख और परमार्थ निकेतन मिलकर स्वच्छता, शिक्षा, योग, ध्यान और शांति के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बौद्घ और सनातन संस्कृतियों के मिलन से युवा पीढ़ी में आपसी सहयोग, प्रेम, शांति व समरसता के गुणों को बढ़ावा मिलेगा। बताया कि आश्रम की टीम लद्दाख जाकर सेब, खुबानी, सीबकथोर्न और अन्य फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश देगी।
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दल लद्दाख में लामा और अन्य बौद्घ भिक्षुओं को इस बाबत प्रशिक्षित करेगा। इस दौरान बौद्घ भिक्षुओं ने आश्रम में बिताए गए क्षणों के अनुभव साझा किए। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि लद्दाख और परमार्थ निकेतन मिलकर स्वच्छता, शिक्षा, योग, ध्यान और शांति के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बौद्घ और सनातन संस्कृतियों के मिलन से युवा पीढ़ी में आपसी सहयोग, प्रेम, शांति व समरसता के गुणों को बढ़ावा मिलेगा। बताया कि आश्रम की टीम लद्दाख जाकर सेब, खुबानी, सीबकथोर्न और अन्य फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश देगी।
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