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आरटीओ पास नहीं है पोखरी-हरिशंकर सड़क
Updated Thu, 15 Feb 2018 10:36 PM IST
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गोपेश्वर। आठ साल पहले बना पोखरी-हरिशंकर-रौता मोटर मार्ग मानकों के अनुसार कटिंग न होने के कारण आज तक आरटीओ से पास नहीं हो पाया। स्थिति यह है कि इस खस्ताहाल सड़क से पंद्रह गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। इसी सड़क पर बृहस्पतिवार को वाहन हादसा हुआ जिसमें जांच लोगों की मौत हो गई।
पोखरी-हरिशंकर-रौता मार्ग निर्माण कार्य वर्ष 2010 में पूरा हो गया था। परिवहन विभाग के अनुसार सड़क की चौड़ाई कम से कम 5.9 मीटर होनी चाहिए और मोड़ों पर अधिकतम आठ मीटर तक हिल कटिंग होनी चाहिए, लेकिन कई जगहों पर इस सड़क की चौड़ाई साढ़े चार मीटर ही है। क्षेत्र के पंद्रह गांवों को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। सड़क शुरुआत के नौ किलोमीटर तक लोनिवि के संरक्षण में है और इससे आगे 12 किलोमीटर पीएमजीएसवाई के जिम्मे है। सड़क शुरुआत के चार किमी तक तो सही हालत में है, लेकिन इससे आगे तीखे मोड़ और संकरी सड़क है। मोड़ों पर हिल साइड कटिंग भी मानक के अनुसार नहीं है, जिससे यहां छोटे वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है। इस सड़क से हरिशंकर, गनियाला, चौंडी, मज्याड़ी, सिमलासू, रौता, पोगठा, गोदी-गिंवाला, द्यूका, सेरा, मालकोटी, कुमर्या डांग, बिरसण, तमुंडी और चेमड़ा गांवों के ग्रामीण वाहनों से आवाजाही करते हैं।
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रौता गांव निवासी वीरेंद्र राणा और रमेश चौधरी का कहना है कि गनियाला गांव के समीप सड़क बेहद खराब स्थिति में है। सड़क का जिम्मा दो संस्थाओं के संरक्षण में है, लेकिन सात वर्ष बाद भी सड़क का डामरीकरण नहीं हो पाया है। एआरटीओ पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि इस सड़क पर कई जगहों पर मानक के अनुसार हिल कटिंग नहीं हुई है। सड़क के मोड़ों पर कटिंग मानक के अनुसार आठ मीटर तक होनी चाहिए, लेकिन यहां मोड़ भी पतले हैं।
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पोखरी-हरिशंकर-रौता मोटर मार्ग पर हुई वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच करवाई जाएगी। यदि सड़क की कटिंग मानक के अनुसार नहीं पाई गई, तो संबंधित विभाग के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना के कारणों का पता लगवाया जा रहा है। - आशीष जोशी, डीएम, चमोली।
पोखरी-हरिशंकर-रौता सड़क विगत वर्ष आपदा से भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों का सुधारीकरण करवा लिया गया था। लोनिवि के अधिकारियों को सड़क के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने जाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क की स्थिति को सुधार लिया जाएगा। - महेंद्र भट्ट, विधायक, बदरीनाथ विधान सभा क्षेत्र।
विगत वर्ष सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल पाया था, जिस कारण सड़क का सुधारीकरण कार्य नहीं किया जा सका है। बजट न मिलने से डामरीकरण कार्य भी नहीं हो पाया है। - राजेश चंद्र, ईई, लोनिवि, पोखरी।