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गैरसैंण को स्थायी राजधानी की मांग को लेकर पांचवें दिन भी जारी रहा आमरण अनशन
Updated Thu, 15 Feb 2018 10:29 PM IST
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गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर रामलीला मैदान में आमरण अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। अनशन के चौथे दिन डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अनशनस्थल पर पहुंची लेकिन आंदोलनकारियों ने स्वास्थ्य जांच परीक्षण को मना करते हुए खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य सरकार की ओर से मांग पर नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर मांग पर कार्रवाई न होने पर व्यापारियों ने भाजपा और कांग्रेस पार्टी का पुतला फूंका।
बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में अपराह्न तीन बजे अनशनकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए डॉक्टरों की टीम पहुंची, लेकिन अनशनकारी कृष्णा नेगी, कमला पंवार और जसवंत सिंह ने जांच करने से मना करते हुए खुद को रामलीला मैदान के एक कमरे में बंद कर लिया। नायब तहसीलदार नत्थी सिंह पंवार के समझाने के बाद भी अनशनकारियों ने दरवाजा नहीं खेला। अनशनकारियों ने कहा कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांग को नहीं मानती वे कमरे में ही कैद रहेंगे। इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने के लिए व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में व्यापारी भी पहुंचे। उन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी की मांग को लेकर नारेबाजी कर भाजपा और कांग्रेस पार्टी का पुतला फूंका। आंदोलन को समर्थन देने वालों में पुष्कर सिंह रावत, वीरेंद्र जोशी, धूमा देवी, लक्ष्मण खत्री, नारायण सिंह, देवेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम असनोड़ा, पवन लोदीयाल, भरत सिंह, कुलदीप, विनोद, सुनीता, मंजू बिष्ट, लक्ष्मी देवी, पुष्कर रावत, धनीराम, पूरन सिंह नेगी, नेत्र सिंह गुर्साइं और प्रफुल्ल रावत आदि मौजूद थे।
बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान में अपराह्न तीन बजे अनशनकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए डॉक्टरों की टीम पहुंची, लेकिन अनशनकारी कृष्णा नेगी, कमला पंवार और जसवंत सिंह ने जांच करने से मना करते हुए खुद को रामलीला मैदान के एक कमरे में बंद कर लिया। नायब तहसीलदार नत्थी सिंह पंवार के समझाने के बाद भी अनशनकारियों ने दरवाजा नहीं खेला। अनशनकारियों ने कहा कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांग को नहीं मानती वे कमरे में ही कैद रहेंगे। इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने के लिए व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में व्यापारी भी पहुंचे। उन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी की मांग को लेकर नारेबाजी कर भाजपा और कांग्रेस पार्टी का पुतला फूंका। आंदोलन को समर्थन देने वालों में पुष्कर सिंह रावत, वीरेंद्र जोशी, धूमा देवी, लक्ष्मण खत्री, नारायण सिंह, देवेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम असनोड़ा, पवन लोदीयाल, भरत सिंह, कुलदीप, विनोद, सुनीता, मंजू बिष्ट, लक्ष्मी देवी, पुष्कर रावत, धनीराम, पूरन सिंह नेगी, नेत्र सिंह गुर्साइं और प्रफुल्ल रावत आदि मौजूद थे।
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