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...अब गांवों में कूड़ा निस्तारण की तैयारी
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:44 PM IST
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कर्णप्रयाग। स्वच्छ भारत अभियान के तहत अब गांवों में कूड़ा निस्तारण की तैयारी हो गई है। स्वजल परियोजना प्रबंधन के तहत इन गांवों का ग्राम पंचायतवार चयन किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में जिले के 65 से अधिक ग्राम पंचायतों में इस योजना को लागू करने की उम्मीद है, जबकि 29 ग्राम पंचायतों में नमामि गंगे के तहत कूड़ा निस्तारण योजना की शुरुआत पहले ही हो चुकी है।
शहरों में कूड़ा निस्तारण योजना के बाद अब गांवों को स्वच्छ रखने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का पैमाना बनाकर न्यूनतम सात लाख से बीस लाख तक की धनराशि दी जा रही है। समितियों के माध्यम से होने वाले इन कामों में कूड़ा निस्तारण केंद्र, गंदे पानी की निकासी के लिए जल निकासी नालियां, सोखता के गड्ढे, पशुओं के मल मूत्र के लिए खाद के गड्ढे सहित स्वच्छता से संबंधित अन्य काम किए जाने हैं। इसके लिए स्वजल परियोजना ने पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया और अब योजनाओं की डीपीआर बनाने में जुटा है। स्वजल के प्रभारी संजय पंत के अनुसार जिले के सभी ब्लाकों से करीब 65 से अधिक ग्राम पंचायतों में होने वाली योजनाओं की डीपीआर तैयार की गई है। 29 ग्राम पंचायतों में नमामि गंगे के तहत काम हो रहा है। उच्चाधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद चयनित ग्राम पंचायतों में योजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। योजना के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के काम होने हैं।
शहरों में कूड़ा निस्तारण योजना के बाद अब गांवों को स्वच्छ रखने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का पैमाना बनाकर न्यूनतम सात लाख से बीस लाख तक की धनराशि दी जा रही है। समितियों के माध्यम से होने वाले इन कामों में कूड़ा निस्तारण केंद्र, गंदे पानी की निकासी के लिए जल निकासी नालियां, सोखता के गड्ढे, पशुओं के मल मूत्र के लिए खाद के गड्ढे सहित स्वच्छता से संबंधित अन्य काम किए जाने हैं। इसके लिए स्वजल परियोजना ने पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया और अब योजनाओं की डीपीआर बनाने में जुटा है। स्वजल के प्रभारी संजय पंत के अनुसार जिले के सभी ब्लाकों से करीब 65 से अधिक ग्राम पंचायतों में होने वाली योजनाओं की डीपीआर तैयार की गई है। 29 ग्राम पंचायतों में नमामि गंगे के तहत काम हो रहा है। उच्चाधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद चयनित ग्राम पंचायतों में योजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। योजना के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के काम होने हैं।
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