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12 करोड़ के बीटीसी पर खोखे लगाकर किया कब्जा
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा में मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीर्थनगरी में 12 करोड़ रुपये की लागत से बना चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड (बीटीसी) भाजपा की सरकार में भी अनधिकृत अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो पाया है। केंद्रीय पर्यटन निधि से तैयार जिस बीटीसी से उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों के आंतरिक रूटों पर निजी परिवहन कंपनियों की बसों का संचालन होता है। उस पर अनधिकृत रूप से लगे खोखों का कब्जा है। बीटीसी बनने के छह साल बाद भी यहां अभी तक परिवहन कंपनियों के वाहनों के लिए पार्किंग का आवंटन नहीं हो पाया है। ऐसे में वाहनों को आंतरिक व प्रवेश-निकासी मार्गों, चंद्रभागा नदी के किनारे व ब्रिज के ऊपर पार्क करना पड़ रहा है।
विडंबना यह है कि चारधाम यात्रा बीटीसी में अतिक्रमणकारियों का कब्जा होने के कारण जिन वाहनों के लिए करोड़ों की पार्किंग बनी है, उन्हें जगह नहीं मिल पा रही है। योजना को तैयार कराने वाले पर्यटन विभाग द्वारा योजना को धरातल पर उतारने से पूर्व बस अड्डे पर पसरे अतिक्रमण को नहीं हटाने की चूक के कारण करोड़ों खर्च होने के बावजूद निजी परिवहन कंपनियों व देश दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक साबित नहीं हो पा रहा है।
वर्ष 2012 में बने बीटीसी में छह साल बाद भी संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अंतर्गत यात्रा में संचालित विभिन्न नौ कंपनियों के वाहनों को आज तक पार्किंग के लिए मुकम्मल स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। वजह है पार्किंग के लिए बने प्लेटफार्म के लगभग पचास प्रतिशत भाग पर अवैध तरीके से खोखे लगाकर अतिक्रमण कर दिया गया है। बसों को बीटीसी के आंतरिक मार्गों, चौदहबीघा मार्ग, चंद्रभागा ब्रिज, बीटीसी-गंगोत्री हाईवे व बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाले प्रवेश व निकासी मार्गों पर पार्क किया जा रहा है।
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इन कंपनियों की बसों के लिए बना था बीटीसी
1- गढ़वाल मोटर ऑनर्स लि. कोटद्वार
2- टिहरी गढ़वाल मोटर ऑनर्स लि.ऋषिकेश।
3- यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ, मुनिकीरेती ऋषिकेश।
4- रूपकुंड पर्यटन समिति थराली
5- सीमांत सहकारी संघ चमोली
6- गढ़वाल मंडल बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति पौड़ी।
7- गढ़वाल मोटर यूजर्स कॉपरेटिव सोसाइटी रामनगर
8- दून वैली, देहरादून
9- गढ़वाल मंडल कांट्रैक्ट कैरिज एसोसिएशन,ऋषिकेश
1200 बसों का प्लेटफार्म, सात सौ के लिए जगह नहीं
ऋषिकेश। 12 करोड़ के बस अड्डे में लगभग 1200 बसों को पार्क करने को प्लेटफार्म बनाया गया है। जिनमें रोटेशन के अंतर्गत संचालित कंपनियों के वाहनों के साथ ही यात्राकाल में विभिन्न प्रदेशों से यहां आने वाले पर्यटक वाहनों की भी पार्किंग व्यवस्था शामिल है। रोटेशन के तहत संचालित सभी नौ कंपनियों के पास करीब 1700 बसों का बेड़ा है। जिनमें से टीजीएमओ, जीएमओ, जीएमसीसी समेत छह से सात कंपनियों की करीब छह से सात सौ बसें हरवक्त बस अड्डे पर उपलब्ध रहती हैं। बावजूद इसके 1200 बसों की पार्किंग में महज सात सौ बसों को पार्किंग के लिए मुकम्मल जगह उपलब्ध नहीं है, लिहाजा इन वाहनों को बस ट्रांजिट कंपाउंड को छोड़कर दो से तीन सौ मीटर दूर तक सड़कों, नदी व पुलों पर खड़ा करना पड़ता है।
बीटीसी स्कूल बस, ट्रक और टैंकरों का अड्डा
जिन निजी परिवहन कंपनियों के वाहनों के लिए करोड़ों का बीटीसी बना उन्हें यहां पार्किंग आवंटित नहीं हो पा रही है। मगर कैंपस में ट्रक, ट्राला, टैंकर, जेसीबी, विभिन्न स्कूलों के वाहनों को अनधिकृत तौर पर पार्क किया जा सकता है। इन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है।
क्या कहते हैं रोटेशन अध्यक्ष
निजी परिवहन कंपनियों के वाहनों के लिए बने बीटीसी में अतिक्रमण के कारण पार्किंग आज तक आवंटित नहीं हो पाई है। जबकि अतिक्रमण हटाकर पार्किंग की मांग कई मर्तबा प्रशासन व नगर निगम से की जा चुकी है। इस बाबत संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति का प्रतिनिधिमंडल चारधाम यात्रा के मद्देनजर जल्द मुख्यमंत्री से मिलेगा पार्किंग के लिए मुकम्मल स्थान उपलब्ध कराने की मांग करेगा।
- सुधीर राय, अध्यक्ष संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ऋषिकेश।
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विडंबना यह है कि चारधाम यात्रा बीटीसी में अतिक्रमणकारियों का कब्जा होने के कारण जिन वाहनों के लिए करोड़ों की पार्किंग बनी है, उन्हें जगह नहीं मिल पा रही है। योजना को तैयार कराने वाले पर्यटन विभाग द्वारा योजना को धरातल पर उतारने से पूर्व बस अड्डे पर पसरे अतिक्रमण को नहीं हटाने की चूक के कारण करोड़ों खर्च होने के बावजूद निजी परिवहन कंपनियों व देश दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक साबित नहीं हो पा रहा है।
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वर्ष 2012 में बने बीटीसी में छह साल बाद भी संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के अंतर्गत यात्रा में संचालित विभिन्न नौ कंपनियों के वाहनों को आज तक पार्किंग के लिए मुकम्मल स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। वजह है पार्किंग के लिए बने प्लेटफार्म के लगभग पचास प्रतिशत भाग पर अवैध तरीके से खोखे लगाकर अतिक्रमण कर दिया गया है। बसों को बीटीसी के आंतरिक मार्गों, चौदहबीघा मार्ग, चंद्रभागा ब्रिज, बीटीसी-गंगोत्री हाईवे व बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाले प्रवेश व निकासी मार्गों पर पार्क किया जा रहा है।
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इन कंपनियों की बसों के लिए बना था बीटीसी
1- गढ़वाल मोटर ऑनर्स लि. कोटद्वार
2- टिहरी गढ़वाल मोटर ऑनर्स लि.ऋषिकेश।
3- यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ, मुनिकीरेती ऋषिकेश।
4- रूपकुंड पर्यटन समिति थराली
5- सीमांत सहकारी संघ चमोली
6- गढ़वाल मंडल बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति पौड़ी।
7- गढ़वाल मोटर यूजर्स कॉपरेटिव सोसाइटी रामनगर
8- दून वैली, देहरादून
9- गढ़वाल मंडल कांट्रैक्ट कैरिज एसोसिएशन,ऋषिकेश
1200 बसों का प्लेटफार्म, सात सौ के लिए जगह नहीं
ऋषिकेश। 12 करोड़ के बस अड्डे में लगभग 1200 बसों को पार्क करने को प्लेटफार्म बनाया गया है। जिनमें रोटेशन के अंतर्गत संचालित कंपनियों के वाहनों के साथ ही यात्राकाल में विभिन्न प्रदेशों से यहां आने वाले पर्यटक वाहनों की भी पार्किंग व्यवस्था शामिल है। रोटेशन के तहत संचालित सभी नौ कंपनियों के पास करीब 1700 बसों का बेड़ा है। जिनमें से टीजीएमओ, जीएमओ, जीएमसीसी समेत छह से सात कंपनियों की करीब छह से सात सौ बसें हरवक्त बस अड्डे पर उपलब्ध रहती हैं। बावजूद इसके 1200 बसों की पार्किंग में महज सात सौ बसों को पार्किंग के लिए मुकम्मल जगह उपलब्ध नहीं है, लिहाजा इन वाहनों को बस ट्रांजिट कंपाउंड को छोड़कर दो से तीन सौ मीटर दूर तक सड़कों, नदी व पुलों पर खड़ा करना पड़ता है।
बीटीसी स्कूल बस, ट्रक और टैंकरों का अड्डा
जिन निजी परिवहन कंपनियों के वाहनों के लिए करोड़ों का बीटीसी बना उन्हें यहां पार्किंग आवंटित नहीं हो पा रही है। मगर कैंपस में ट्रक, ट्राला, टैंकर, जेसीबी, विभिन्न स्कूलों के वाहनों को अनधिकृत तौर पर पार्क किया जा सकता है। इन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है।
क्या कहते हैं रोटेशन अध्यक्ष
निजी परिवहन कंपनियों के वाहनों के लिए बने बीटीसी में अतिक्रमण के कारण पार्किंग आज तक आवंटित नहीं हो पाई है। जबकि अतिक्रमण हटाकर पार्किंग की मांग कई मर्तबा प्रशासन व नगर निगम से की जा चुकी है। इस बाबत संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति का प्रतिनिधिमंडल चारधाम यात्रा के मद्देनजर जल्द मुख्यमंत्री से मिलेगा पार्किंग के लिए मुकम्मल स्थान उपलब्ध कराने की मांग करेगा।
- सुधीर राय, अध्यक्ष संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ऋषिकेश।