सुख- सुविधाओं के अभाव में तेजी से खाली हो रहे जौनसार बावर के खेड़े

Dehradun Bureau Updated Sat, 10 Feb 2018 02:13 AM IST
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जौनसार बावर के खेड़े में मूल-भूत सुविधा नहीं
- एक दशक में खाली हुए 126 खेड़े, कृषि भूमि पड़ी है बंजर
साहिया।
सुख-सुविधाओं के अभाव में जौनसार बावर के खेड़े और गांव तेजी से खाली हो रहे हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जौनसार बावर के करीब 126 खेड़े ऐसे हैं जो बीते एक दशक में पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। इन खेड़ों में बने घरों में अब वीरानियां पसरी हुई हैं। दीवारों पर लगे जाले यह बताने के लिए काफी हैं कि सालों से इन घरों के अंदर किसी ने झांका तक नहीं हैं। कृषि भूमि बंजर पड़ी है। खेत भी जंगल बनता जा रहा है। स्थानीय बुजुर्गों की आंख में मिट्टी से बिछड़ने का गम साफ देखा जा सकता है।
साहिया के आस-पास ही करीब 36 खेड़े ऐसे हैं जिनकी गलियों में अब बच्चों की हंसी नहीं गूंजा करती। घरों में एक-दूसरे के सुख-दर्द को बांटने वाला भी कोई नहीं है। पानुवा निवासी खजान सिंह, कनबुआ निवासी दीवान सिंह पंवार, पंजिया निवासी नारायण सिंह चौहान आदि का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा न मिलने के कारण पहाड़ खाली हो रहे हैं। क्षेत्र में कोई उद्योग-धंधे भी नहीं लगे हैं। युवा पीढ़ी को मजबूर होकर अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। कई खेड़ों में बिजली, पानी और सड़क तक की सुविधा नहीं है।

सरकार क्षेत्र के लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही हैं। आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं वंचित है। ऐसे में लोगों को पलायन करने पर मजबूर हैं। - नारायण सिंह तोमर, तारली
खेड़ों में किसानों की कई हैक्टेयर कृषि भूमि है लेकिन उसकी सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है। कई बार संबंधित विभाग व शासन प्रशासन से मांग करने पर भी सुनवाई नहीं हो पा रही है।- बिरेंद्र सिंह पंवार, कनबुआ

खेड़ों में निवास करने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं आज भी एक सपने जैसी बात है। कई बार मांग करने पर भी लोगों को निराशा ही हाथ लगी है। -खजान सिंह राठौर, पानुवा


ये खेड़े हुए खाली
अब तक ताचुवा, भंगोई, कुरोगी, कुईया, बांधला, छानधारा, बोईथोगी, अमलावा खेड़ा, छुवाडी खेड़ा, सुईना खेड़ा, पंजिया खेड़ा, गैईनी खेड़ा, सोलोगी खेड़ा, आवण्डा खेड़ा समेत 126 खेड़े ऐसे हैं जो अब पूरी तरह से वीरान हो चुके हैं।

हर साल खेड़ों और मंजरों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है। गांव में तेजी से सुख-सुविधाओं का विकास हो इसके लिए सरकार प्रयत्नशील है। - बृजेश कुमार तिवारी, उपजिलाधिकारी, कालसी

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