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32 साल बाद भी मताधिकार से वचिंत 400 की आबादी
Updated Sat, 10 Feb 2018 02:13 AM IST
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32 साल बाद भी मताधिकार से वंचित 400 की आबादी
- भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री के नेतृत्व में लोगों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
हरबर्टपुर और आसपास के गांव में रह रहे तिब्बती मूल के रेफ्यूजी परिवारों को 32 साल बाद भी वोटिंग का अधिकार नहीं मिल सका है। विरोध में उन्होंने भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री विपुल अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
कहा केंद्र सरकार ने 1987 से पूर्व भारत में रह रहे तिब्बती मूल के लोगों को वोटिंग का अधिकार दिया हुआ है। लेकिन हरबर्टपुर और आसपास के गांव में करीब 400 ऐसे लोग हैं जिन्हें अब तक वोटिंग का अधिकार नहीं मिल सका है। इन रेफ्यूजी परिवारों में से कई ऐसे लोग भी हैं जो सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे हैं। बीएलओ इन परिवारों के मतदाता पहचान पत्र बनाने में आनाकानी कर रहे हैं। जल्द ही क्षेत्र में पालिका चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यदि अब भी इन परिवारों के वोटिंग कॉर्ड नहीं बने तो वह वोटिंग के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में बीएलओ का स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में संजय कुमार, गौरव वर्मा, राजन कटारिया, डीडी मेघा, नवांग कोनचोक, तेनजिंग चोजोंग, पासंग, जामभंटा, नीमा हैरिंग, शेमलोक हेरिंग, छेवाड़ डोलमा, ल्हाग्याल हेरिंग, गोंपो, पेडन, रिंजीग छेकी, डोलमा, पासंग, सोनम गेलेक, फूंछोक हेरिंग, सुगराप आदि शामिल रहे।
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- भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री के नेतृत्व में लोगों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
हरबर्टपुर और आसपास के गांव में रह रहे तिब्बती मूल के रेफ्यूजी परिवारों को 32 साल बाद भी वोटिंग का अधिकार नहीं मिल सका है। विरोध में उन्होंने भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री विपुल अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
कहा केंद्र सरकार ने 1987 से पूर्व भारत में रह रहे तिब्बती मूल के लोगों को वोटिंग का अधिकार दिया हुआ है। लेकिन हरबर्टपुर और आसपास के गांव में करीब 400 ऐसे लोग हैं जिन्हें अब तक वोटिंग का अधिकार नहीं मिल सका है। इन रेफ्यूजी परिवारों में से कई ऐसे लोग भी हैं जो सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे हैं। बीएलओ इन परिवारों के मतदाता पहचान पत्र बनाने में आनाकानी कर रहे हैं। जल्द ही क्षेत्र में पालिका चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यदि अब भी इन परिवारों के वोटिंग कॉर्ड नहीं बने तो वह वोटिंग के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में बीएलओ का स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में संजय कुमार, गौरव वर्मा, राजन कटारिया, डीडी मेघा, नवांग कोनचोक, तेनजिंग चोजोंग, पासंग, जामभंटा, नीमा हैरिंग, शेमलोक हेरिंग, छेवाड़ डोलमा, ल्हाग्याल हेरिंग, गोंपो, पेडन, रिंजीग छेकी, डोलमा, पासंग, सोनम गेलेक, फूंछोक हेरिंग, सुगराप आदि शामिल रहे।
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