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स्वर्गाश्रम में दुकानों का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
Updated Wed, 07 Feb 2018 01:52 AM IST
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स्वर्गाश्रम में विवादित दुकानों का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
-- नगर पंचायत ने दी तहसीलदार के नोटिस को चुनौती
- शहरी विकास विभाग, कमिश्नर, डीएम व तहसीलदार को भेजा नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। स्वर्गाश्रम क्षेत्र स्थित भारत साधु समाज बाजार की दुकानों को एक सप्ताह में खाली कराने के तहसीलदार यमकेश्वर के नोटिस को नगर पंचायत ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए शहरी विकास विभाग, कमिश्नर, डीएम पौड़ी और तहसीलदार यमकेश्वर से मामले में चार सप्ताह में न्यायालय द्वारा वर्ष 2015 में दिए आदेश पर की गई कार्रवाई का जवाब मांगा है। अधिवक्ता कुंदन राय के मुताबिक मंगलवार को उच्च न्यायालय की एकलपीठ न्यायमूर्ति उमेश चंद ध्यानी ने नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की ओर से तहसीलदार यमकेश्वर द्वारा भारत साधु समाज बाजार में दुकान संचालकों को दिए गए बेदखली नोटिस के मामले की सुनवाई की।
इस दौरान कोर्ट के सामने अधिवक्ता कुंदन ने हाईकोर्ट के ही एक सितंबर 2015 के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि राजस्व विभाग ने उक्त भूमि पर हक जताया था, जिस पर नगर पंचायत ने वर्ष 2014 में उक्त भूमि को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें निकाय अधिनियम के अनुसार नगर निकाय नोटिफाइड होने पर संबंधित भूमि निकाय की होने की बात कही गई थी। बताया कि हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए उक्त भूमि पर शहरी विकास विभाग को छह सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया था, लेकिन इस पर आज तक कोई जवाब सरकार द्वारा हाईकोर्ट को नहीं दिया गया और न ही इस पर कोई निर्णय लिया गया।
अधिवक्ता कुंदन ने बताया कि हाईकोर्ट ने शहरी विकास विभाग, कमिश्नर, जिलाधिकारी पौड़ी और तहसीलदार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में उक्त मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। दूसरी ओर स्वर्गाश्रम में भारत साधु समाज बाजार की दुकानों को खाली कराने का मामला फिलहाल लटकता हुआ नजर आ रहा है। बेदखली नोटिस का मामला हाईकोर्ट में जाने से फिलहाल दुकान संचालकों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार कुछ समय के लिए टल सकती है।
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-- नगर पंचायत ने दी तहसीलदार के नोटिस को चुनौती
- शहरी विकास विभाग, कमिश्नर, डीएम व तहसीलदार को भेजा नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। स्वर्गाश्रम क्षेत्र स्थित भारत साधु समाज बाजार की दुकानों को एक सप्ताह में खाली कराने के तहसीलदार यमकेश्वर के नोटिस को नगर पंचायत ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए शहरी विकास विभाग, कमिश्नर, डीएम पौड़ी और तहसीलदार यमकेश्वर से मामले में चार सप्ताह में न्यायालय द्वारा वर्ष 2015 में दिए आदेश पर की गई कार्रवाई का जवाब मांगा है। अधिवक्ता कुंदन राय के मुताबिक मंगलवार को उच्च न्यायालय की एकलपीठ न्यायमूर्ति उमेश चंद ध्यानी ने नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की ओर से तहसीलदार यमकेश्वर द्वारा भारत साधु समाज बाजार में दुकान संचालकों को दिए गए बेदखली नोटिस के मामले की सुनवाई की।
इस दौरान कोर्ट के सामने अधिवक्ता कुंदन ने हाईकोर्ट के ही एक सितंबर 2015 के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि राजस्व विभाग ने उक्त भूमि पर हक जताया था, जिस पर नगर पंचायत ने वर्ष 2014 में उक्त भूमि को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें निकाय अधिनियम के अनुसार नगर निकाय नोटिफाइड होने पर संबंधित भूमि निकाय की होने की बात कही गई थी। बताया कि हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए उक्त भूमि पर शहरी विकास विभाग को छह सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया था, लेकिन इस पर आज तक कोई जवाब सरकार द्वारा हाईकोर्ट को नहीं दिया गया और न ही इस पर कोई निर्णय लिया गया।
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अधिवक्ता कुंदन ने बताया कि हाईकोर्ट ने शहरी विकास विभाग, कमिश्नर, जिलाधिकारी पौड़ी और तहसीलदार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में उक्त मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। दूसरी ओर स्वर्गाश्रम में भारत साधु समाज बाजार की दुकानों को खाली कराने का मामला फिलहाल लटकता हुआ नजर आ रहा है। बेदखली नोटिस का मामला हाईकोर्ट में जाने से फिलहाल दुकान संचालकों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार कुछ समय के लिए टल सकती है।
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