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श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के जनरेटर से निकला पानी
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:04 PM IST
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श्रीनगर। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की एक टरबाइन के जनरेटर में पानी का फव्वारा निकल पड़ा। इसके चलते उक्त टरबाइन से विद्युत उत्पादन ठप हो गया। हालांकि, परियोजना संचालन कर रही कंपनी से रुटीन मेटीनेंस बता रही है। वहीं, सूत्र बताते हैं कि जिस जगह पानी लीकेज हुआ है, वहां पानी की एक भी बूंद नहीं जानी चाहिए। लापरवाही से यह हादसा हुआ है। इस मामले में उच्च अधिकारियों को भी सही जानकारी नहीं दी गई है।
324 मेगावाट की श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की टरबाइन से पानी निकलने का मामला दो दिन पुराना है। यहां परियोजना में 82.5 मेगावाट की 4 टरबाइन लगी हुई हैं। दो दिन पूर्व एक टरबाइन से जुड़े जनरेटर से अचानक पानी का फव्वारा फूट पड़ा। यह देखकर मौके पर मौजूद कर्मचारी ने चैनल के गेट बंद कर इसको बंद किया गया।
सूत्रों के अनुसार, जहां लीकेज हुआ है, वहां पानी की एक भी बूंद या नमी नहीं रहनी चाहिए, लेकिन वहीं पानी का फव्वारा छूट गया। बताया जा रहा है कि जनरेटर से जुड़ी ड्राफ्ट ट्यूब में प्रेशर शून्य रहना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिसके चलते पानी जनरेटर तक पहुंच गया। यह काफी बड़ा हादसा बताया जा रहा है। लेकिन इसको दबा दिया गया। बताया जा रहा है कि समय पर मशीनों की मेटीनेंस न होने की वजह से यह फॉल्ट आया।
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इधर, परियोजना संचालन कर रही कंपनी एएचपीसीएल के जनसंपर्क अधिकारी वाईआर शर्मा ने इसे सामान्य घटना बताया। उन्होंने कहा कि रुटीन मेंटीनेंस में चेक करते रहते हैं। इसका ऊर्जा उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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324 मेगावाट की श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की टरबाइन से पानी निकलने का मामला दो दिन पुराना है। यहां परियोजना में 82.5 मेगावाट की 4 टरबाइन लगी हुई हैं। दो दिन पूर्व एक टरबाइन से जुड़े जनरेटर से अचानक पानी का फव्वारा फूट पड़ा। यह देखकर मौके पर मौजूद कर्मचारी ने चैनल के गेट बंद कर इसको बंद किया गया।
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सूत्रों के अनुसार, जहां लीकेज हुआ है, वहां पानी की एक भी बूंद या नमी नहीं रहनी चाहिए, लेकिन वहीं पानी का फव्वारा छूट गया। बताया जा रहा है कि जनरेटर से जुड़ी ड्राफ्ट ट्यूब में प्रेशर शून्य रहना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिसके चलते पानी जनरेटर तक पहुंच गया। यह काफी बड़ा हादसा बताया जा रहा है। लेकिन इसको दबा दिया गया। बताया जा रहा है कि समय पर मशीनों की मेटीनेंस न होने की वजह से यह फॉल्ट आया।
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इधर, परियोजना संचालन कर रही कंपनी एएचपीसीएल के जनसंपर्क अधिकारी वाईआर शर्मा ने इसे सामान्य घटना बताया। उन्होंने कहा कि रुटीन मेंटीनेंस में चेक करते रहते हैं। इसका ऊर्जा उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है।