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बाघ गणना को अगले चरण की तैयारीयो पूरी
Updated Mon, 05 Feb 2018 01:28 AM IST
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आज से शुरू होगा बाघ गणना का दूसरा चरण
-- मोबाइल एप और मैनुअल दोनों तरीकों से होनी है गणना
अमर उजाला ब्यूरो
रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अखिल भारतीय बाघ गणना कार्यक्रम के अगले चरणों की तैयारियों को पूरा कर लिया है। एक फरवरी से शुरू गणना के तहत प्रपत्रों और मानचित्र की मदद से बीट प्रभारियों के साथ मॉक टेस्ट पूरा कर लिया गया। गणना में मोबाइल एप के साथ ही मैनुअल दोनों पद्धतियों का उपयोग किया जाएगा। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में बाघ गणना कार्यक्रम 18 फरवरी तक पूरा होना है। दूसरा चरण सोमवार से शुरू होगा। राजाजी प्रशासन ने शेष चरणों की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया की पहली बार मोबाइल एप की मदद से बाघ गणना कार्यक्रम के लिए बीट प्रभारियों को प्रशिक्षित किया गया है। जिन बीट प्रभारियों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं वह मैनुअल तरीके से गणना का कार्य करेंगे।
बताया कि दूसरे चरण में ट्रैल, तीसरे में ट्रांजेक्ट और चौथे में हेवीटेट प्लाट बनाने की प्रक्रिया को संपन्न किया जायेगा। ट्रैल में गणना मार्गों के अध्ययन के साथ बीट प्रभारियों को रोजाना चार से छह किमी. चलना होगा, जिसमें वन्यजीवों के खरोंच, मलमूत्र आदि की गणना, ट्रांजेक्ट प्रक्रिया में सीधी दिशा में चलना और जानवरों को प्रत्यक्ष देखकर गणना और हेवीटेट प्लाट में हर दो ट्रांजेक्ट के दो किमी में दायरे में चार सौ मीटर के आयताकार प्लाट बनाकर वनस्पति की गणना करना है। बताया कि गणना के अगले फेज में कैमरा ट्रैप की मदद से मार्च माह तक गणना कार्यक्रम पूरा किया जायेगा।
बीटें बड़ी, अपडेट नहीं डाटा
रायवाला। रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि एम स्ट्राइप मोबाइल एप के अपडेट आधुनिक वर्जन से गणना में काफी मदद मिल रही है। पिछले तीन सालों से मोबाइल एप को अपडेट किया गया है, किंतु राजाजी की कई बीटें बड़ी हैं। जिसका डाटा एप में अभी भी अपडेट नहीं हो पाया है। इसके चलते परेशानी हो रही है। किंतु इस परेशानी से बचने के लिय डाटा मैनुअल तरीके से भी एकत्र किया जा रहा है।
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-- मोबाइल एप और मैनुअल दोनों तरीकों से होनी है गणना
अमर उजाला ब्यूरो
रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अखिल भारतीय बाघ गणना कार्यक्रम के अगले चरणों की तैयारियों को पूरा कर लिया है। एक फरवरी से शुरू गणना के तहत प्रपत्रों और मानचित्र की मदद से बीट प्रभारियों के साथ मॉक टेस्ट पूरा कर लिया गया। गणना में मोबाइल एप के साथ ही मैनुअल दोनों पद्धतियों का उपयोग किया जाएगा। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में बाघ गणना कार्यक्रम 18 फरवरी तक पूरा होना है। दूसरा चरण सोमवार से शुरू होगा। राजाजी प्रशासन ने शेष चरणों की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया की पहली बार मोबाइल एप की मदद से बाघ गणना कार्यक्रम के लिए बीट प्रभारियों को प्रशिक्षित किया गया है। जिन बीट प्रभारियों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं वह मैनुअल तरीके से गणना का कार्य करेंगे।
बताया कि दूसरे चरण में ट्रैल, तीसरे में ट्रांजेक्ट और चौथे में हेवीटेट प्लाट बनाने की प्रक्रिया को संपन्न किया जायेगा। ट्रैल में गणना मार्गों के अध्ययन के साथ बीट प्रभारियों को रोजाना चार से छह किमी. चलना होगा, जिसमें वन्यजीवों के खरोंच, मलमूत्र आदि की गणना, ट्रांजेक्ट प्रक्रिया में सीधी दिशा में चलना और जानवरों को प्रत्यक्ष देखकर गणना और हेवीटेट प्लाट में हर दो ट्रांजेक्ट के दो किमी में दायरे में चार सौ मीटर के आयताकार प्लाट बनाकर वनस्पति की गणना करना है। बताया कि गणना के अगले फेज में कैमरा ट्रैप की मदद से मार्च माह तक गणना कार्यक्रम पूरा किया जायेगा।
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बीटें बड़ी, अपडेट नहीं डाटा
रायवाला। रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि एम स्ट्राइप मोबाइल एप के अपडेट आधुनिक वर्जन से गणना में काफी मदद मिल रही है। पिछले तीन सालों से मोबाइल एप को अपडेट किया गया है, किंतु राजाजी की कई बीटें बड़ी हैं। जिसका डाटा एप में अभी भी अपडेट नहीं हो पाया है। इसके चलते परेशानी हो रही है। किंतु इस परेशानी से बचने के लिय डाटा मैनुअल तरीके से भी एकत्र किया जा रहा है।
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