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हनोल में मूलभूत सुविधाओं को तरसे लोग
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
त्यूनी।
पर्यटन विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी महासू नगरी हनोल में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मंदिर परिसर में लगी पानी की टोटियां टूटी हुईं हैं, शौचालयों पर भी ताला लगा रहता है। जिसके चलते लोग परेशान हैं।
प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक और श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। पिछले दिनों मंदिर परिसर में सुविधाओं को विकसित करने के नाम पर कार्य भी कराए गए। बावजूद इसके लोगों को शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
स्थानीय निवासी और क्षेत्र पंचायत सदस्य चंदराम डिमरी, रामलाल सेमवाल, प्रदीप कुमार आदि का कहना है कि भारतीय पुरातत्व विभाग ने हाल ही में मंदिर परिसर में शौचालय का निर्माण कराया है, लेकिन यह शौचालय हैंडओवर नहीं हो सका है। शौच के लिए लोगों को नदी किनारे जाना पड़ता है। टंकियां भी लंबे समय से टूटी हुईं हैं। लोगों को बाजार से पानी खरीद कर पीना पड़ता है। मंदिर के आसपास ठहरने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
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एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने कहा कि टोंटियों को ठीक कराया जाएगा। शौचालय को भी हैंडओवर कर शीघ्र खोलने के संबंध में तहसीलदार को निर्देशित किया जाएगा।
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त्यूनी।
पर्यटन विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी महासू नगरी हनोल में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मंदिर परिसर में लगी पानी की टोटियां टूटी हुईं हैं, शौचालयों पर भी ताला लगा रहता है। जिसके चलते लोग परेशान हैं।
प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक और श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। पिछले दिनों मंदिर परिसर में सुविधाओं को विकसित करने के नाम पर कार्य भी कराए गए। बावजूद इसके लोगों को शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
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स्थानीय निवासी और क्षेत्र पंचायत सदस्य चंदराम डिमरी, रामलाल सेमवाल, प्रदीप कुमार आदि का कहना है कि भारतीय पुरातत्व विभाग ने हाल ही में मंदिर परिसर में शौचालय का निर्माण कराया है, लेकिन यह शौचालय हैंडओवर नहीं हो सका है। शौच के लिए लोगों को नदी किनारे जाना पड़ता है। टंकियां भी लंबे समय से टूटी हुईं हैं। लोगों को बाजार से पानी खरीद कर पीना पड़ता है। मंदिर के आसपास ठहरने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
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एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने कहा कि टोंटियों को ठीक कराया जाएगा। शौचालय को भी हैंडओवर कर शीघ्र खोलने के संबंध में तहसीलदार को निर्देशित किया जाएगा।