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हम कबीर के वंशज हैं चुप कैसे रहते...
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:36 AM IST
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हम कबीर के वंशज हैं चुप कैसे रहते...
-- हीरक जयंती में कवि सम्मेलन का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। एसबीएम इंटर कॉलेज में आयोजित हीरक जयंती समारोह के तहत आयोजित कवि सम्मेलन में चर्चित कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। उन्होंने अपनी विविध रचनाओं के जरिए व्यवस्थागत खामियों पर तंज कसे। उपस्थित दर्शकों ने देर रात तक काव्य प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाया। शनिवार रात आयोजित कवि सम्मेलन में कार्यक्रम का संचालन कर रहे डा. कुमार विश्वास ने ‘वह बोले दरबार सजाओ वह जयकार लगाओ, वह बोले हम जितना बोलें तुम केवल उतना ही दोहराओ, वाणी पर इतना अंकुश कैसे सहते हम कबीर के वंशज हैं चुप कैसे रहते’ रचना प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरीं।
कवयित्री डा. विनीत चौहान ने ‘बहुत हो चुका मोदी जी इनको समझाना बंद करो, आस्तिन के सब सांपों को दूध पिलाना बंद कर दो’ रचना प्रस्तुत की। खुशबू शर्मा ने ‘इस तरह सोचना भी कोई शान है वह है हिंदू वह है सिख वह मुसलमान है मेरा भारत नहीं तो मैं कुछ भी नहीं, भारत से ही मेरी पहचान है’ सुनाकर तालियां बटोरीं। इस अवसर पर निवर्तमान नगर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल आदि मौजूद थे।
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-- हीरक जयंती में कवि सम्मेलन का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। एसबीएम इंटर कॉलेज में आयोजित हीरक जयंती समारोह के तहत आयोजित कवि सम्मेलन में चर्चित कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। उन्होंने अपनी विविध रचनाओं के जरिए व्यवस्थागत खामियों पर तंज कसे। उपस्थित दर्शकों ने देर रात तक काव्य प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाया। शनिवार रात आयोजित कवि सम्मेलन में कार्यक्रम का संचालन कर रहे डा. कुमार विश्वास ने ‘वह बोले दरबार सजाओ वह जयकार लगाओ, वह बोले हम जितना बोलें तुम केवल उतना ही दोहराओ, वाणी पर इतना अंकुश कैसे सहते हम कबीर के वंशज हैं चुप कैसे रहते’ रचना प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरीं।
कवयित्री डा. विनीत चौहान ने ‘बहुत हो चुका मोदी जी इनको समझाना बंद करो, आस्तिन के सब सांपों को दूध पिलाना बंद कर दो’ रचना प्रस्तुत की। खुशबू शर्मा ने ‘इस तरह सोचना भी कोई शान है वह है हिंदू वह है सिख वह मुसलमान है मेरा भारत नहीं तो मैं कुछ भी नहीं, भारत से ही मेरी पहचान है’ सुनाकर तालियां बटोरीं। इस अवसर पर निवर्तमान नगर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल आदि मौजूद थे।
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