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गुलदार ने छह बकरियां मार डालीं
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, त्यूनी।
चकराता वन प्रभाग की बावर रेंज के सरनाड़ खड्ड में गुलदार ने हमला कर छह बकरियों को मार डाला। पीड़ित पशुपालक ने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है।
लोगों का कहना है कि कई दिनों से गांव के निकट जंगल में गुलदार की सक्रियता बढ़ गई है। आए दिन गुलदार दिखाई दे रहा है। जिससे पशुुओं के साथ ही ग्रामीणों को भय बना हुआ है। जानकारी के बावजूद वन विभाग के अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
माधूराम निवासी ग्राम भंद्रोली तहसील त्यूनी पशुपालक हैं। पशुपालन ही उसकी आजीविका का एकमात्र जरिया है। मंगलवार को वह बकरियों को चराने के लिए जंगल ले गए थे। शाम करीब चार बजे बारिश होने लगी। वह बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने देखा की झुंड में अफरातफरी मची हुई है। बकरियां इधर-उधर भाग रही हैं, जब वह पास पहुंचे तो दंग रह गया। वहां बकरियों के क्षत-विक्षत शव पड़े थे। तभी उन्होंने गुलदार को घने जंगल में जाते हुए देखा। उनका कहना है कि गुलदार के मूवमेंट से पशुुओं के साथ ही पशुपालकों को भी खतरा बना हुआ है।
उधर डीएफओ दीपचंद आर्य का कहना है कि रेंज अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। विभागीय नियमों के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा। गुलदार के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए टीम गठित की जाएगी।
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चकराता वन प्रभाग की बावर रेंज के सरनाड़ खड्ड में गुलदार ने हमला कर छह बकरियों को मार डाला। पीड़ित पशुपालक ने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है।
लोगों का कहना है कि कई दिनों से गांव के निकट जंगल में गुलदार की सक्रियता बढ़ गई है। आए दिन गुलदार दिखाई दे रहा है। जिससे पशुुओं के साथ ही ग्रामीणों को भय बना हुआ है। जानकारी के बावजूद वन विभाग के अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
माधूराम निवासी ग्राम भंद्रोली तहसील त्यूनी पशुपालक हैं। पशुपालन ही उसकी आजीविका का एकमात्र जरिया है। मंगलवार को वह बकरियों को चराने के लिए जंगल ले गए थे। शाम करीब चार बजे बारिश होने लगी। वह बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने देखा की झुंड में अफरातफरी मची हुई है। बकरियां इधर-उधर भाग रही हैं, जब वह पास पहुंचे तो दंग रह गया। वहां बकरियों के क्षत-विक्षत शव पड़े थे। तभी उन्होंने गुलदार को घने जंगल में जाते हुए देखा। उनका कहना है कि गुलदार के मूवमेंट से पशुुओं के साथ ही पशुपालकों को भी खतरा बना हुआ है।
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उधर डीएफओ दीपचंद आर्य का कहना है कि रेंज अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। विभागीय नियमों के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा। गुलदार के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए टीम गठित की जाएगी।
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