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नसबंदी के बावजूद गर्भवती होने का आरोप
Updated Wed, 24 Jan 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक मामला प्रकाश में आया है। नसबंदी ऑपरेशन के बाद एक महिला गर्भवती हो गई। महिला के पहले से ही तीन बच्चे हैं। मामले की शिकायत महिला के पति ने मुख्य चिकित्साधिकारी और जिलाधिकारी से की है। इस संबंध में उन्होंने डाक से दोनों अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है।
जानकारी के अनुसार चकराता विकास खंड के लोहारी-लोखंडी गांव निवासी रणवीर सिंह ने अपनी पत्नी देविंद्रा (27) की नसबंदी 2 जनवरी 2018 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर में कराई। 18 जनवरी 2018 को उन्होंने अपनी पत्नी का प्रेग्नेंसी टेस्ट दून चिकित्सालय के साथ ही कोरेनेशन अस्पताल में कराया। जहां उनकी पत्नी गर्भवती पाई गई। उन्होंने कहा कि दून चिकित्सालय के डॉक्टरों ने बताया कि महिला को जान का खतरा उत्पन्न हो गया है। उसे कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है।
आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में नसबंदी करने वाले डॉक्टर से संपर्क साधा तो उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ लिया। डॉक्टर नसबंदी से पूर्व हुए टेस्ट की रिपोर्ट भी नहीं दे रहा है जबकि दून अस्पताल के डॉक्टर इलाज के लिए नसबंदी से पूर्व हुए टेस्ट की रिपोर्ट मांग रहे हैं ताकि उसकी पत्नी का इलाज हो सके। उन्होंने अपनी पत्नी को दून अस्पताल में भर्ती कराया है। उनका कहना है कि उनके पत्नी के इलाज में आने वाले खर्च को नसबंदी करने वाला डॉक्टर वहन करे।
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मामला गंभीर है। अभी मुझे शिकायत नहीं मिली है। यदि लिखित शिकायत मिलती है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. वाईएस थपलियाल, सीएमओ
...डॉक्टर पर कर दिया था हमला
वर्ष 2011 में भी सहसपुर क्षेत्र में नसंबदी के बाद महिला के गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आया था। तब विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विभाग के कई बार चक्कर काटने के बाद भी जब पीड़ित व्यक्ति की कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उसने नसबंदी करने वाले डॉक्टर पर हमला कर दिया था। मामला कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था। तब पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर जेल भेज दिया था।
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साहिया।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक मामला प्रकाश में आया है। नसबंदी ऑपरेशन के बाद एक महिला गर्भवती हो गई। महिला के पहले से ही तीन बच्चे हैं। मामले की शिकायत महिला के पति ने मुख्य चिकित्साधिकारी और जिलाधिकारी से की है। इस संबंध में उन्होंने डाक से दोनों अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है।
जानकारी के अनुसार चकराता विकास खंड के लोहारी-लोखंडी गांव निवासी रणवीर सिंह ने अपनी पत्नी देविंद्रा (27) की नसबंदी 2 जनवरी 2018 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर में कराई। 18 जनवरी 2018 को उन्होंने अपनी पत्नी का प्रेग्नेंसी टेस्ट दून चिकित्सालय के साथ ही कोरेनेशन अस्पताल में कराया। जहां उनकी पत्नी गर्भवती पाई गई। उन्होंने कहा कि दून चिकित्सालय के डॉक्टरों ने बताया कि महिला को जान का खतरा उत्पन्न हो गया है। उसे कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है।
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आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में नसबंदी करने वाले डॉक्टर से संपर्क साधा तो उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ लिया। डॉक्टर नसबंदी से पूर्व हुए टेस्ट की रिपोर्ट भी नहीं दे रहा है जबकि दून अस्पताल के डॉक्टर इलाज के लिए नसबंदी से पूर्व हुए टेस्ट की रिपोर्ट मांग रहे हैं ताकि उसकी पत्नी का इलाज हो सके। उन्होंने अपनी पत्नी को दून अस्पताल में भर्ती कराया है। उनका कहना है कि उनके पत्नी के इलाज में आने वाले खर्च को नसबंदी करने वाला डॉक्टर वहन करे।
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मामला गंभीर है। अभी मुझे शिकायत नहीं मिली है। यदि लिखित शिकायत मिलती है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. वाईएस थपलियाल, सीएमओ
...डॉक्टर पर कर दिया था हमला
वर्ष 2011 में भी सहसपुर क्षेत्र में नसंबदी के बाद महिला के गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आया था। तब विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विभाग के कई बार चक्कर काटने के बाद भी जब पीड़ित व्यक्ति की कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उसने नसबंदी करने वाले डॉक्टर पर हमला कर दिया था। मामला कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था। तब पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर जेल भेज दिया था।