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नंदा तेरी जात पैटण बैठिग्ये, न्योचा निशाण बि सजंण बैटि ग्ये...
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:16 PM IST
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गोपेश्वर। ग्राम पंचायत तेफना में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ तीन दिवसीय दशोली गढ़ सांस्कृतिक विकास मेला शुरू हो गया। मेले का शुभारंभ कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि मेलोें के आयोजन से नई पीढ़ी को संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीतों की शानदार प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया।
दशोली गढ़ सांस्कृतिक विकास मेले में लोक जागृति संस्था के कलाकारों ने नंदा जागर नंदा तेरी जात पैटण बैठिग्ये... के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया। इसके बाद कलाकारों ने घास काटी घसिलो..., घम घम हुडकी बाजी..., कैलाश लि जोला सजधजी की..., ऐजावा दीदी भुल्यों अपंणा गौं मुलुक... जैसे गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हास्य कलाकार सुरेंद्र कमांडर की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। साथ ही मेले में गढ़वाल के पौराणिक खेलों का आयोजन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। इस दौरान लुंण-बाखरी खेल का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता ममंद तेफना और सरण के बीच हुई, जिसमें ममंद सरण की टीम जीती। आयोजन समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मेले में अन्य पौराणिक खेलों का भी आयोजन होगा। सांस्कृतिक संवर्द्धन के लिए ढोल-दमाऊं प्रतियोगिता, झुमैलो, मांगल गीत, जागर, चौफुला और थड़या नृत्य प्रतियोगिताएं भी होंगी। इस मौके पर मेला समिति अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, विजेंद्र रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, दयाल सिंह, तेजवीर कंडेरी, लक्ष्मी, नरेंद्र कठैत, किरन रौतेला, राजेश्वरी नेगी, देवेंद्र रावत, रामी देवी और महेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
दशोली गढ़ सांस्कृतिक विकास मेले में लोक जागृति संस्था के कलाकारों ने नंदा जागर नंदा तेरी जात पैटण बैठिग्ये... के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया। इसके बाद कलाकारों ने घास काटी घसिलो..., घम घम हुडकी बाजी..., कैलाश लि जोला सजधजी की..., ऐजावा दीदी भुल्यों अपंणा गौं मुलुक... जैसे गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हास्य कलाकार सुरेंद्र कमांडर की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। साथ ही मेले में गढ़वाल के पौराणिक खेलों का आयोजन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। इस दौरान लुंण-बाखरी खेल का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता ममंद तेफना और सरण के बीच हुई, जिसमें ममंद सरण की टीम जीती। आयोजन समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मेले में अन्य पौराणिक खेलों का भी आयोजन होगा। सांस्कृतिक संवर्द्धन के लिए ढोल-दमाऊं प्रतियोगिता, झुमैलो, मांगल गीत, जागर, चौफुला और थड़या नृत्य प्रतियोगिताएं भी होंगी। इस मौके पर मेला समिति अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, विजेंद्र रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, दयाल सिंह, तेजवीर कंडेरी, लक्ष्मी, नरेंद्र कठैत, किरन रौतेला, राजेश्वरी नेगी, देवेंद्र रावत, रामी देवी और महेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
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