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गोपेश्वर नगर को जल्द मिलेगी सीवरेज की सुविधा, 23 करोड़ की लागत से निर्मित होंगे पांच एसटीपी
Updated Mon, 22 Jan 2018 10:49 PM IST
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गोपेश्वर। नगर की करीब चालीस हजार की आबादी को जल्द ही सीवर लाइन की सुविधा मिल जाएगी। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से नगर के पोखरी बैंड और चमोली मुख्य बाजार से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। योजना पर 23 करोड़ की धनराशि खर्च होगी। यदि सब कुछ ठीक रहा तो साल 2019 के मार्च माह तक गोपेश्वर और चमोली को सीवरेज सुविधा से जोड़ दिया जाएगा।
गोपेश्वर नगर की आबादी चालीस हजार से अधिक है। वर्ष 2010 में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सीवर योजना को स्वीकृति दी गई। वर्ष 2016 तक विभिन्न चरणों में नगर में सीवर लाइन बिछा दी गई, लेकिन दो वर्षों से वित्तीय स्वीकृति न मिलने के चलते एसटीपी का निर्माण काम बंद पड़ा था। अब योजना के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 23 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। योजना के अनुसार नगर क्षेत्र के चमोली कस्बे में दो और पोखरी बैंड, लीसा बैंड व वैतरणी कुंड के समीप एक-एक एसटीपी टैंक का निर्माण होना है। पोखरी बैंड और चमोली में एसटीपी का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा का कहना है कि गोपेश्वर-चमोली सीवर योजना के तहत नगर में एसटीपी टैंक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। योजना को मार्च 2019 तक पूरा किया जाना है। इसके बाद सीवरेज की समस्या से लोगों को निजात मिल जाएगी।
गोपेश्वर नगर की आबादी चालीस हजार से अधिक है। वर्ष 2010 में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सीवर योजना को स्वीकृति दी गई। वर्ष 2016 तक विभिन्न चरणों में नगर में सीवर लाइन बिछा दी गई, लेकिन दो वर्षों से वित्तीय स्वीकृति न मिलने के चलते एसटीपी का निर्माण काम बंद पड़ा था। अब योजना के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 23 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। योजना के अनुसार नगर क्षेत्र के चमोली कस्बे में दो और पोखरी बैंड, लीसा बैंड व वैतरणी कुंड के समीप एक-एक एसटीपी टैंक का निर्माण होना है। पोखरी बैंड और चमोली में एसटीपी का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा का कहना है कि गोपेश्वर-चमोली सीवर योजना के तहत नगर में एसटीपी टैंक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। योजना को मार्च 2019 तक पूरा किया जाना है। इसके बाद सीवरेज की समस्या से लोगों को निजात मिल जाएगी।
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