{"_id":"5a661b234f1c1b91268b5c6e","slug":"15166412537-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धारी थलीसैंण के ग्रामीण परिवार सहित परियोजना कार्यालय में बैठे में धरने पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धारी थलीसैंण के ग्रामीण परिवार सहित परियोजना कार्यालय में बैठे में धरने पर
Updated Mon, 22 Jan 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। धारी-थलीसैंण के ग्रामीणों ने परिवार सहित श्रीनगर जल विद्युत परियोजना कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी प्रशासन ने 3 वर्ष पूर्व विस्थापन किए जाने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अब कंपनी मुकर रही है।
धारी-थलीसैंण के करीब 22 परिवारों के ग्रामीणों ने बच्चों सहित जल विद्युत परियोजना कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्व प्रधान शंकर लाल ने बताया के जल विद्युत परियोजना ने 3 वर्ष पूर्व गांव के 22 परिवारों विस्थापित किए जाने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि उनके आवासीय भवन व खेत परियोजना झील के डूब क्षेत्र में हैं। सभी परिवार अपना मकान होते हुए भी किराए के भवनों में रह रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी अब अपने वायदे से मुकर रही है। वहीं भाजपा अनुमोर्चा के गढ़वाल संयोजक कुशलानाथ ने कहा कि वह इस मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में ले जाएंगे। वहीं कंपनी प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों से वार्ता की जा रही है। ब्यूरो
विज्ञापन
धारी-थलीसैंण के करीब 22 परिवारों के ग्रामीणों ने बच्चों सहित जल विद्युत परियोजना कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्व प्रधान शंकर लाल ने बताया के जल विद्युत परियोजना ने 3 वर्ष पूर्व गांव के 22 परिवारों विस्थापित किए जाने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि उनके आवासीय भवन व खेत परियोजना झील के डूब क्षेत्र में हैं। सभी परिवार अपना मकान होते हुए भी किराए के भवनों में रह रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी अब अपने वायदे से मुकर रही है। वहीं भाजपा अनुमोर्चा के गढ़वाल संयोजक कुशलानाथ ने कहा कि वह इस मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में ले जाएंगे। वहीं कंपनी प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों से वार्ता की जा रही है। ब्यूरो
विज्ञापन