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श्रम विभाग ने संभाला श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:53 AM IST
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श्रम विभाग करवाएगा श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई
-- श्रमिकों के 36 बच्चों की पढ़ाई के लिए दी एक लाख रुपये की राशि
-- दो श्रमिकों की मौत पर आश्रितों चार लाख 20 हजार की सहायता
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। श्रम विभाग ने श्रमिकों के बच्चों का भविष्य संवारने की दिशा में पहल की है। विभाग की ओर से नगर क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों के 57 बच्चों में से 36 की पढ़ाई के लिए करीब एक लाख रुपये की धनराशि श्रमिकों को दी है। अन्य श्रमिकों को संपूर्ण दस्तावेजों के अभाव के चलते सहायता राशि नहीं दी जा सकी है। इस बाबत विभाग की ओर से संबंधित श्रमिकों को अवगत कराया गया है। बताया गया कि सभी के दस्तावेज प्राप्त होने के बाद अवशेष 21 बच्चों को भी पढ़ाई के लिए विभाग सहायता राशि उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा विभाग की ओर से दो श्रमिकों की मौत पर मृतक आश्रितों को 4.20 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है।
राज्य सरकार की ओर से श्रमिकों के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं को उन तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्यवाही तेज कर दी गई है। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के मुताबिक महकमे में अब तक ऋषिकेश क्षेत्र में कार्यरत 3440 श्रमिक विभाग के अभिलेखों में पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 36 श्रमिकों के कक्षा एक से बारहवीं तक की कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों को एक लाख चार हजार 900 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
पंजीकरण से यह भी हैं लाभ
- दो बेटियों की शादी के लिए 51-51 हजार रुपये।
- बेटा या बेटी जन्म पर 10 हजार रुपये की सहायता।
- 60 वर्ष के लिए एक हजार और 65 वर्षीय श्रमिक को 1500 रुपये पेंशन।
- राष्ट्रीय बीमा योजना में पंजीकृत श्रमिक का विभाग अदा करता है प्रीमियम।
- मैदानी इलाके के श्रमिक को साइकिल और पर्वतीय क्षेत्र में सिलाई मशीन।
- श्रमिकों की बेटियों को मुफ्त स्वरोजगार का प्रशिक्षण।
- श्रमिक की मृत्यु पर आश्रितों को आर्थिक सहायता।
- श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा क लिए प्रोत्साहन राशि।
- शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार की सहायता राशि।
क्या कहते हैं अधिकारी
श्रमिकों के उत्थान के लिए विभाग कई योजनाएं चला रहा है। जानकारी के अभाव में श्रमिक इनका लाभ नहीं उठा पाते हैं, इसके लिए विभाग नियमित रूप से जन जागरूकता अभियान चलाता है। श्रमिकों को विभाग में अपना पंजीकरण कराकर योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।
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- उमेशचंद्र राय, सहायक श्रमायुक्त।
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-- श्रमिकों के 36 बच्चों की पढ़ाई के लिए दी एक लाख रुपये की राशि
-- दो श्रमिकों की मौत पर आश्रितों चार लाख 20 हजार की सहायता
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। श्रम विभाग ने श्रमिकों के बच्चों का भविष्य संवारने की दिशा में पहल की है। विभाग की ओर से नगर क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों के 57 बच्चों में से 36 की पढ़ाई के लिए करीब एक लाख रुपये की धनराशि श्रमिकों को दी है। अन्य श्रमिकों को संपूर्ण दस्तावेजों के अभाव के चलते सहायता राशि नहीं दी जा सकी है। इस बाबत विभाग की ओर से संबंधित श्रमिकों को अवगत कराया गया है। बताया गया कि सभी के दस्तावेज प्राप्त होने के बाद अवशेष 21 बच्चों को भी पढ़ाई के लिए विभाग सहायता राशि उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा विभाग की ओर से दो श्रमिकों की मौत पर मृतक आश्रितों को 4.20 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है।
राज्य सरकार की ओर से श्रमिकों के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं को उन तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्यवाही तेज कर दी गई है। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के मुताबिक महकमे में अब तक ऋषिकेश क्षेत्र में कार्यरत 3440 श्रमिक विभाग के अभिलेखों में पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 36 श्रमिकों के कक्षा एक से बारहवीं तक की कक्षाओं में अध्ययनरत बच्चों को एक लाख चार हजार 900 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
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पंजीकरण से यह भी हैं लाभ
- दो बेटियों की शादी के लिए 51-51 हजार रुपये।
- बेटा या बेटी जन्म पर 10 हजार रुपये की सहायता।
- 60 वर्ष के लिए एक हजार और 65 वर्षीय श्रमिक को 1500 रुपये पेंशन।
- राष्ट्रीय बीमा योजना में पंजीकृत श्रमिक का विभाग अदा करता है प्रीमियम।
- मैदानी इलाके के श्रमिक को साइकिल और पर्वतीय क्षेत्र में सिलाई मशीन।
- श्रमिकों की बेटियों को मुफ्त स्वरोजगार का प्रशिक्षण।
- श्रमिक की मृत्यु पर आश्रितों को आर्थिक सहायता।
- श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा क लिए प्रोत्साहन राशि।
- शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार की सहायता राशि।
क्या कहते हैं अधिकारी
श्रमिकों के उत्थान के लिए विभाग कई योजनाएं चला रहा है। जानकारी के अभाव में श्रमिक इनका लाभ नहीं उठा पाते हैं, इसके लिए विभाग नियमित रूप से जन जागरूकता अभियान चलाता है। श्रमिकों को विभाग में अपना पंजीकरण कराकर योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।
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- उमेशचंद्र राय, सहायक श्रमायुक्त।