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कलश यात्रा निकाली, भागवत कथा शुरू
Updated Fri, 19 Jan 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया। गोविंद गो लोक धाम रुद्रेश्वर भक्ति आश्रम ट्रस्ट की ओर से सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का बृहस्पतिवार को कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हो गया। आर्मी गेट परिसर से शुरू हुई कलश यात्रा मुख्य बाजार, मंडी परिसर होते हुए कथा स्थल पर पहुंच संपन्न हुई। जगह-जगह लोगों ने कलश यात्रा का स्वागत किया।
पहले दिन भागवत कथा की महिमा का बखान करते हुए कथा व्यास बाल विदुषी स्वाती देवी ने कहा कि भागवत में सभी समस्याओं का समाधान है। जो मनुष्य रोजाना भागवत कथा का पाठ करता है। उसे कोई रोग और दुख नहीं सताता। भागवत कथा के माध्यम से स्वयं श्री हरि ने मनुष्य को जीवन का सार बताया है। भगवान श्रीकृष्ण 16 कलाओं के स्वामी थे। कलियुग में भागवत कथा के सुमिरन मात्र से मनुष्य भवसागर को पार कर जाता है। गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि बिना गुरु के भगवान को प्राप्त नहीं किया जा सकता। गुरु ही मनुष्य को सही राह पर चलने की सीख देता है।
इस मौके पर मणि गुप्ता, शालू, राधेश्याम सबरवाल, विजय सबरवाल, पं. विनोद जोशी, विद्यादत्त, गोविंदराम, सुनिल अग्रवाल, राजेश आदि मौजूद रहे।
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साहिया। गोविंद गो लोक धाम रुद्रेश्वर भक्ति आश्रम ट्रस्ट की ओर से सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का बृहस्पतिवार को कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हो गया। आर्मी गेट परिसर से शुरू हुई कलश यात्रा मुख्य बाजार, मंडी परिसर होते हुए कथा स्थल पर पहुंच संपन्न हुई। जगह-जगह लोगों ने कलश यात्रा का स्वागत किया।
पहले दिन भागवत कथा की महिमा का बखान करते हुए कथा व्यास बाल विदुषी स्वाती देवी ने कहा कि भागवत में सभी समस्याओं का समाधान है। जो मनुष्य रोजाना भागवत कथा का पाठ करता है। उसे कोई रोग और दुख नहीं सताता। भागवत कथा के माध्यम से स्वयं श्री हरि ने मनुष्य को जीवन का सार बताया है। भगवान श्रीकृष्ण 16 कलाओं के स्वामी थे। कलियुग में भागवत कथा के सुमिरन मात्र से मनुष्य भवसागर को पार कर जाता है। गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि बिना गुरु के भगवान को प्राप्त नहीं किया जा सकता। गुरु ही मनुष्य को सही राह पर चलने की सीख देता है।
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इस मौके पर मणि गुप्ता, शालू, राधेश्याम सबरवाल, विजय सबरवाल, पं. विनोद जोशी, विद्यादत्त, गोविंदराम, सुनिल अग्रवाल, राजेश आदि मौजूद रहे।