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घाट ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यो में मिली भारी अनियमितताएं
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:36 PM IST
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घाट। ब्लॉक के गांवों में मनरेगा के कार्यों में भारी अनियमितता के मामले सामने आए हैं। वहीं दस्तावेजों का रख-रखाव और रोजगार देने के मामलों में भी अनियमितताएं मिली हैं। यह बात उत्तराखंड सामाजिक अंकेक्षण जवाबदेही एवं पारदर्शिता अभिकरण के परियोजना प्रबंधक मनोज गैरोला ने मनरेगा कार्यों के सोशल ऑडिट के दौरान कही।
ब्लॉक सभागार में उत्तराखंड सामाजिक अंकेक्षण जवाबदेही एवं पारदर्शिता अभिकरण की ओर से मनरेगा कार्यों का ऑडिट किया गया। अभिकरण की ओर से ऑडिट के लिए ब्लॉक रामणी, वादुक, मटई, लांखी, उस्तोली, भेंटी, स्यांरी-बंगाली, बूरा, चरबंग और मोख मल्ला ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया था। ऑडिट के दौरान सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों के दस्तावेजों के रख-रखाव, जॉब कार्ड अंकन व निर्धारित समय में कार्य पूरा न करने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं, जबकि ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामणी में सर्वाधिक अनियमितताओं के साथ ही मनरेगा कार्यों के अग्रिम निकासी की अनियमितताएं भी पाई गईं। इस दौरान ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने रोजगार न देने की शिकायतें भी दर्ज करवाईं। इस पर समिति ने सभी ग्राम प्रधानों को 15 दिनों में दस्तावेजों को ठीक करने के निर्देश दिए। कहा गया कि 15 दिनों में दोबारा ऑडिट बैठक की जाएगी। इस मौके पर हिमाद सचिव उमा शंकर बिष्ट, मोहित कुशवाह, नरेंद्र सिंह चौहान, मोहन चंद्र अंचल और सुनील कोठियाल आदि मौजूद थे।
ब्लॉक सभागार में उत्तराखंड सामाजिक अंकेक्षण जवाबदेही एवं पारदर्शिता अभिकरण की ओर से मनरेगा कार्यों का ऑडिट किया गया। अभिकरण की ओर से ऑडिट के लिए ब्लॉक रामणी, वादुक, मटई, लांखी, उस्तोली, भेंटी, स्यांरी-बंगाली, बूरा, चरबंग और मोख मल्ला ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया था। ऑडिट के दौरान सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों के दस्तावेजों के रख-रखाव, जॉब कार्ड अंकन व निर्धारित समय में कार्य पूरा न करने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं, जबकि ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामणी में सर्वाधिक अनियमितताओं के साथ ही मनरेगा कार्यों के अग्रिम निकासी की अनियमितताएं भी पाई गईं। इस दौरान ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने रोजगार न देने की शिकायतें भी दर्ज करवाईं। इस पर समिति ने सभी ग्राम प्रधानों को 15 दिनों में दस्तावेजों को ठीक करने के निर्देश दिए। कहा गया कि 15 दिनों में दोबारा ऑडिट बैठक की जाएगी। इस मौके पर हिमाद सचिव उमा शंकर बिष्ट, मोहित कुशवाह, नरेंद्र सिंह चौहान, मोहन चंद्र अंचल और सुनील कोठियाल आदि मौजूद थे।
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