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जै जै आदिबदरीनाथ जी झामको पर झूमे
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:29 PM IST
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आदिबदरी। आदिबदरीनाथ मंदिर के कपाटोद्घाटन के बाद शुरू हुए महाभिषेक समारोह और पर्यटन मेले के दूसरे दिन क्षेत्र की महिला मंगल दलों ने कई परंपरागत धार्मिक प्रस्तुतियां दीं। भगवान आदिबदरीनाथ पर रचित पारंपरिक जागर जै जै आदिबदरीनाथ जी झामको पर झूमे.... की प्रस्तुति पर मंदिर परिसर में श्रद्धालु और मेलार्थी खूब झूमे। वहीं महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा और परिधान भी आकर्षण का केंद्र रहे।
पर्यटन मेले में आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत मुख्य अतिथि निम के कर्नल अजय कोठियाल और समाज सेवी नरेंद्र सिंह चाकर ने की। कर्नल कोठियाल ने मुख्य मदिर में मत्था टेका और पूजा भी की। इसके बाद शुरू हुए धार्मिक और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिला मंगल दल छिमटा की महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों और वेश भूषा के साथ चांछड़ी लोक नृत्य और जय नंदा दैणी ह्वे जाया... चौंफुला की शानदार प्रस्तुति दी। मैतोली की महिलाओं ने जै जै आदिबदरीनाथ जी झामको... पर लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। नगली महिला महिला मंगल दल ने माघ मैना कि मकर संक्रांति चला नौठा कौथिग... पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आदिबदरी, खेती, मालसी, थापली, रंडोली, सुगड़ की महिलाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने प्रतिभागी महिला मंगल दलों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में आकाशवाणी के पूर्व उप निदेशक प्रकाश थपलियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य शकुंतला देवी, कलावती कठै, भुवन बरमोला, बलवंत भंडारी, मदनमोहन बहुगुणा और धर्म सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।
भागवत कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु
गढ़वाल राइफल कीर्तन मंडप में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास आचार्य सोहन प्रसाद खंडूड़ी ने भागवत कथा को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की गंगोत्री बताया। उन्होंने कहा कि धुंधकारी (असुर) की मुक्ति संभव नहीं थी, लेकिन भागवत कथा से ही धुंधकारी को मुक्ति मिल पाई। कथा श्रवण के लिए यहां आस पास के गांवों के लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।
पर्यटन मेले में आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत मुख्य अतिथि निम के कर्नल अजय कोठियाल और समाज सेवी नरेंद्र सिंह चाकर ने की। कर्नल कोठियाल ने मुख्य मदिर में मत्था टेका और पूजा भी की। इसके बाद शुरू हुए धार्मिक और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिला मंगल दल छिमटा की महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों और वेश भूषा के साथ चांछड़ी लोक नृत्य और जय नंदा दैणी ह्वे जाया... चौंफुला की शानदार प्रस्तुति दी। मैतोली की महिलाओं ने जै जै आदिबदरीनाथ जी झामको... पर लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। नगली महिला महिला मंगल दल ने माघ मैना कि मकर संक्रांति चला नौठा कौथिग... पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आदिबदरी, खेती, मालसी, थापली, रंडोली, सुगड़ की महिलाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने प्रतिभागी महिला मंगल दलों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में आकाशवाणी के पूर्व उप निदेशक प्रकाश थपलियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य शकुंतला देवी, कलावती कठै, भुवन बरमोला, बलवंत भंडारी, मदनमोहन बहुगुणा और धर्म सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।
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भागवत कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु
गढ़वाल राइफल कीर्तन मंडप में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास आचार्य सोहन प्रसाद खंडूड़ी ने भागवत कथा को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की गंगोत्री बताया। उन्होंने कहा कि धुंधकारी (असुर) की मुक्ति संभव नहीं थी, लेकिन भागवत कथा से ही धुंधकारी को मुक्ति मिल पाई। कथा श्रवण के लिए यहां आस पास के गांवों के लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।
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