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सालभर में शुरू नहीं हो पाई तीन माह की जांच
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सालभर में शुरू नहीं हो पाई तीन माह की जांच
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शासन ने जिस जांच को तीन माह में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे, वह एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। शासन के निर्देश पर महानिदेशालय और निदेशालय से चिट्ठियां तो भेजी गईं लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। अब एक साल बीतने के बाद मामले का क्या हुआ, किसी को पता नहीं है।
शासन के निर्देशों को शिक्षा विभाग के अधिकारी किस तरह दबाकर बैठ जाते हैं, इस मामलों को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 की शुरुआत में निजी स्कूलों की मनमानी की कई शिकायतें आईं थीं। अभिभावकों के साथ ही सोशल एक्शन रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव अजय नारायण शर्मा ने भी विभाग से स्कूलों की शिकायतें कीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शासन ने 16 अप्रैल 2018 को महानिदेशालय को पत्र जारी किया और निजी स्कूलों की जांच कर तीन माह में रिपोर्ट सौंपने को कहा।
16 मई 2018 को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने निदेशक को पत्र भेजा और तीन माह में जांच पूरी करने को कहा। 28 मई 2018 को निदेशक ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को मामले की जांच कर तीन माह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए, लेकिन एक साल पूरा होने के बावजूद यह जांच शुरू नहीं हो पाई है।
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कोट :::
एक साल पुराने मामले में मुझे जानकारी नहीं है। जांच शुरू क्यों नहीं हो पाई यह देखना पड़ेगा। यह पुराना मामला है, इसलिए कागज देखने के बाद ही मैं कुछ कह पाऊंगा।
- आरके कुंवर, अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शासन ने जिस जांच को तीन माह में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे, वह एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। शासन के निर्देश पर महानिदेशालय और निदेशालय से चिट्ठियां तो भेजी गईं लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। अब एक साल बीतने के बाद मामले का क्या हुआ, किसी को पता नहीं है।
शासन के निर्देशों को शिक्षा विभाग के अधिकारी किस तरह दबाकर बैठ जाते हैं, इस मामलों को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 की शुरुआत में निजी स्कूलों की मनमानी की कई शिकायतें आईं थीं। अभिभावकों के साथ ही सोशल एक्शन रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव अजय नारायण शर्मा ने भी विभाग से स्कूलों की शिकायतें कीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शासन ने 16 अप्रैल 2018 को महानिदेशालय को पत्र जारी किया और निजी स्कूलों की जांच कर तीन माह में रिपोर्ट सौंपने को कहा।
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16 मई 2018 को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ने निदेशक को पत्र भेजा और तीन माह में जांच पूरी करने को कहा। 28 मई 2018 को निदेशक ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को मामले की जांच कर तीन माह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए, लेकिन एक साल पूरा होने के बावजूद यह जांच शुरू नहीं हो पाई है।
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एक साल पुराने मामले में मुझे जानकारी नहीं है। जांच शुरू क्यों नहीं हो पाई यह देखना पड़ेगा। यह पुराना मामला है, इसलिए कागज देखने के बाद ही मैं कुछ कह पाऊंगा।
- आरके कुंवर, अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा