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मांगों पर सहमति के बावजूद 13 दिन चला था अनशन

Thu, 09 Aug 2018 02:12 AM IST
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:12 AM IST
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मांगों पर सहमति के बावजूद 13 दिन चला था अनशन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी अब जिन 18 सूत्री मांगों पर जल्द कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, उनमें से ज्यादातर पर सरकार पहले ही सहमति जता चुकी है। शिक्षकों के अनशन की चेतावनी के बाद खुद विभागीय मंत्री, सचिव और निदेशक ने ज्यादातर मांगों पर कार्रवाई गतिमान होने की जानकारी दी थी। इसके आधार पर उन्होंने अनशन समाप्त करने को कहा, लेकिन शिक्षक नहीं माने।
राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बीती 21 जुलाई से शिक्षा निदेशालय में क्रमिक अनशन शुरू किया था। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और विभागीय अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि ज्यादातर मांगों पर कार्रवाई चल रही है। इसके बावजूद शिक्षक क्रमिक अनशन पर अड़े रहे। 27 जुलाई को शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने शिक्षकों को पत्र लिख अनशन खत्म करने को कहा। जवाब में शिक्षकों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। 28 जुलाई को शिक्षा मंत्री के आदेश पर शिक्षक संघ अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, महामंत्री डॉ. सोहन माझिला और पूर्व अध्यक्ष राम सिंह चौहान का तबादला कर दिया गया।
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अगले दिन शिक्षक नेताओं ने निदेशालय और सभी मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालयों में तालाबंदी की चेतावनी दी। इस पर 30 जुलाई को शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को तालाबंदी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बावजूद 31 जुलाई को शिक्षक नेताओं ने निदेशालय और कई जिलों में तालाबंदी की। दो-तीन जिलों में शिक्षकों के खिलाफ तहरीर भी दी गई। शिक्षक नेताओं ने निदेशालय में आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसी दिन हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हुई। दो अगस्त को हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद शिक्षकों ने आमरण अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
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राजकीय शिक्षक संघ की प्रमुख मांगें
शिक्षक नेता एसीपी का लाभ, कोटिकरण और वेतन विसंगति ठीक करने, एक्ट के अनुसार ट्रांसफर, पांच छूटे विषयों की काउंसिलिंग, बेसिक से समायोजित शिक्षकों को चयन प्रोन्न्नत वेतनमान देने, एक ही विज्ञप्ति के अंतर्गत चयनित एवं कोटद्वार विधानसभा चुनाव के कारण ज्वाइन न कर वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने, अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों में न लगाने, एलटी को लेवल-10 और प्रवक्ता को लेवल-12 दिए जाने, तदर्थ शिक्षक बंधुओं को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन वेतनमान, 400 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में उपप्रधानाचार्य का पद सृजित करने, महिलाओं को 15 दिन का सीसीएल प्रदान करने की अनुमति प्रधानाचार्य को देने, बोर्ड से अनुमोदित व्यायाम और कला के प्रवक्ता पद स्वीकृत करने की मांग कर रहे हैं।
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