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बरसात में सड़क किनारे पड़ा मलबा बना खतरनाक
Updated Sat, 04 Aug 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
टास्क फोर्स की ओर से अतिक्रमण ध्वस्त किए जाने के बाद सड़क किनारे पड़ा मलबा बरसात में हादसों की वजह बन रहा है। आए दिन दोपहिया सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश के निर्देश के बाद भी कई जगहों से मलबा नहीं हटाया जा रहा है। इसका खामियाजा यहां से गुजरने वालों को भुगतना पड़ रहा है। मलबा नहीं हटने से लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
जीएमएस रोड, कारगी चौक और हरिद्वार रोड समेत कई जगहों पर अतिक्रमण ध्वस्तीकरण के बाद मलबा वहीं छोड़ दिया गया है। बरसात में मलबा कीचड़ में तब्दील हो जाता है और इसकी चपेट में आने से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हरिद्वार रोड निवासी अरुण सती कहते हैं कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। लगता है महकमे को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। कारगी चौक के पास रहने वाले जयप्रकाश का कहना है कि अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद भी अभियान में लगी टीम की ओर से मलबा नहीं हटाया जा रहा है। इससे आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा हरिद्वार बाईपास पर अतिक्रमण का मलबा और आईएसबीटी-रिस्पना पुल के बीच बने रहे फ्लाईओवर के पास सड़क पर बने गड्ढे भी हादसों का कारण बन रहे हैं। कारगी निवासी अजय कुमार का कहना है कि बृहस्पतिवार बारिश के दौरान मलबे के कारण बाइक फिसलने से उनको भी चोट आई है। बृहस्पतिवार की रात कुछ दोपहिया सवार सड़क पर बने गड्ढों की वजह से भी गिरकर चोटिल हुए।
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ध्वस्तीकरण के बाद हर जगह से मलबा उठाया जा रहा है। फिर भी अगर कहीं से मलबा नहीं उठ है तो इसे दिखवाया जाएगा।
-एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी
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सड़क पर मिट्टी और गड्ढे बन रहे हादसों का कारण
देहरादून। मसूरी-देहरादून मार्ग पर बीते दिनों भूस्खलन से मलबा आने और बरसात से हुए गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। भूस्खलन के बाद मलबे को लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ समय में हटा दिया जाता है, लेकिन मलबा हटने के बाद बची मिट्टी के सड़क पर पसरे होने से दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बनी नालियां भी मलबे से चोक हो गईं हैं। इससे बरसाती झरनों का पानी सड़क पर आने से जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा नहीं लगा पाते। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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टास्क फोर्स की ओर से अतिक्रमण ध्वस्त किए जाने के बाद सड़क किनारे पड़ा मलबा बरसात में हादसों की वजह बन रहा है। आए दिन दोपहिया सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश के निर्देश के बाद भी कई जगहों से मलबा नहीं हटाया जा रहा है। इसका खामियाजा यहां से गुजरने वालों को भुगतना पड़ रहा है। मलबा नहीं हटने से लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
जीएमएस रोड, कारगी चौक और हरिद्वार रोड समेत कई जगहों पर अतिक्रमण ध्वस्तीकरण के बाद मलबा वहीं छोड़ दिया गया है। बरसात में मलबा कीचड़ में तब्दील हो जाता है और इसकी चपेट में आने से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हरिद्वार रोड निवासी अरुण सती कहते हैं कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। लगता है महकमे को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। कारगी चौक के पास रहने वाले जयप्रकाश का कहना है कि अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद भी अभियान में लगी टीम की ओर से मलबा नहीं हटाया जा रहा है। इससे आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा हरिद्वार बाईपास पर अतिक्रमण का मलबा और आईएसबीटी-रिस्पना पुल के बीच बने रहे फ्लाईओवर के पास सड़क पर बने गड्ढे भी हादसों का कारण बन रहे हैं। कारगी निवासी अजय कुमार का कहना है कि बृहस्पतिवार बारिश के दौरान मलबे के कारण बाइक फिसलने से उनको भी चोट आई है। बृहस्पतिवार की रात कुछ दोपहिया सवार सड़क पर बने गड्ढों की वजह से भी गिरकर चोटिल हुए।
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ध्वस्तीकरण के बाद हर जगह से मलबा उठाया जा रहा है। फिर भी अगर कहीं से मलबा नहीं उठ है तो इसे दिखवाया जाएगा।
-एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी
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सड़क पर मिट्टी और गड्ढे बन रहे हादसों का कारण
देहरादून। मसूरी-देहरादून मार्ग पर बीते दिनों भूस्खलन से मलबा आने और बरसात से हुए गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। भूस्खलन के बाद मलबे को लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ समय में हटा दिया जाता है, लेकिन मलबा हटने के बाद बची मिट्टी के सड़क पर पसरे होने से दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बनी नालियां भी मलबे से चोक हो गईं हैं। इससे बरसाती झरनों का पानी सड़क पर आने से जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा नहीं लगा पाते। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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