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एक से पांच तक के बच्चे पढ़ेंगे गढ़वाली कविताएं
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:44 PM IST
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श्रीनगर। ‘नंदा तेरी जात कैलाश लि जौला सजी धजी कि.....’ जैसी गढ़वाली कविताएं प्राथमिक वर्ग (एक से पांच) के छात्रों को पढ़ाई जाएंगी। एससीईआरटी ने प्राथमिक वर्ग के छात्रों के लिए गढ़वाली पाठ्यक्रम तैयार किया है। प्राथमिक चरण में इसे पौड़ी जनपद के 15 प्राथमिक विद्यालयों में शुरू किया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चढीगांव में संपन्न तीन दिवसीय कार्यशाला में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से तैयार गढ़वाली पाठ्यक्रम में सुधार किया गया। कार्यशाला में गढ़वाल मंडल के करीब छह जनपदों के ऐसे शिक्षकों को बुलाया गया था, जो गढ़वाली भाषा के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे थे। कार्यशाला संयोजक डा. महाबीर कलेठा ने बताया कि पाठ्यक्रम में सुधार कर अंतिम रूप दे दिया गया है। अब इसके प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कलेठा ने बताया कि प्राथमिक चरण के तहत इसे पौड़ी जनपद के 15 प्राथमिक विद्यालयों में शुरू किया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा। कार्यशाला में प्राचार्य डीएस आर्य, नंद किशोर हटवाल, डा. उमेश चमोला, जगमोहन सिंह कठैत आदि ने विचार रखे। गढ़वाल विवि के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डीआर पुरोहित व स्वीडन के प्रो बेशलर ने भी विचार व्यक्त किए।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चढीगांव में संपन्न तीन दिवसीय कार्यशाला में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से तैयार गढ़वाली पाठ्यक्रम में सुधार किया गया। कार्यशाला में गढ़वाल मंडल के करीब छह जनपदों के ऐसे शिक्षकों को बुलाया गया था, जो गढ़वाली भाषा के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे थे। कार्यशाला संयोजक डा. महाबीर कलेठा ने बताया कि पाठ्यक्रम में सुधार कर अंतिम रूप दे दिया गया है। अब इसके प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कलेठा ने बताया कि प्राथमिक चरण के तहत इसे पौड़ी जनपद के 15 प्राथमिक विद्यालयों में शुरू किया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा। कार्यशाला में प्राचार्य डीएस आर्य, नंद किशोर हटवाल, डा. उमेश चमोला, जगमोहन सिंह कठैत आदि ने विचार रखे। गढ़वाल विवि के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डीआर पुरोहित व स्वीडन के प्रो बेशलर ने भी विचार व्यक्त किए।
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