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सीमा विस्तार : सिर्फ नई आपतियां सुनी जाएंगी
Updated Tue, 13 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
नगर निगम के सीमा विस्तार को लेकर केवल नई आपत्तियों पर ही सुनवाई होगी। नई अधिसूचना के मुताबिक, पहले की आपत्तियों को दोबारा नहीं सुना जाएगा। हालांकि, ऐसे लोग दूसरे व्यक्ति के माध्यम से नए सिरे से आपत्ति या सुझाव जिलाधिकारी कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए शहरी विकास निदेशालय और शासन भेजा जाएगा।
हाईकोर्ट ने बीते नौ मार्च को राज्य सरकार के सीमा विस्तार के शासनादेश को खारिज कर दिया था। साथ ही सात दिनों में आपत्तियों पर सुनवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बाद सरकार ने रविवार को 48 घंटे के भीतर 23 नगर निकायों के सीमा विस्तार पर नई अधिसूचना जारी कर दी। संबंधित निकायों में सीमा विस्तार पर लोगों से एक सप्ताह के भीतर आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद एक सप्ताह का समय आपत्तियों की सुनवाई के लिए तय किया गया है। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन का कहना है कि नई अधिसूचना के मुताबिक, अब केवल नई आपत्तियों और सुझावों पर ही विचार किया जाएगा। पुराने सुझाव और शिकायतें नहीं सुनी जाएंगी।
वहीं, ग्राम प्रधान नत्थनपुर करुणा सिंह ने कहा कि सरकार को नई आपत्तियों के साथ ही पूर्व में डाली गई आपत्तियों पर भी सुनवाई करनी चाहिए। ग्राम प्रधान लाडपुर घनश्याम पाल ने कहा कि सरकार के शासनादेश में नई शिकायत और सुझाव मांगें गए हैं, पुरानी शिकायतों और सुझावों का जिक्र नहीं किया गया है। शासन को पुरानी शिकायतों और सुझावों पर भी मंथन करना चाहिए।
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नगर निगम के सीमा विस्तार को लेकर केवल नई आपत्तियों पर ही सुनवाई होगी। नई अधिसूचना के मुताबिक, पहले की आपत्तियों को दोबारा नहीं सुना जाएगा। हालांकि, ऐसे लोग दूसरे व्यक्ति के माध्यम से नए सिरे से आपत्ति या सुझाव जिलाधिकारी कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए शहरी विकास निदेशालय और शासन भेजा जाएगा।
हाईकोर्ट ने बीते नौ मार्च को राज्य सरकार के सीमा विस्तार के शासनादेश को खारिज कर दिया था। साथ ही सात दिनों में आपत्तियों पर सुनवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बाद सरकार ने रविवार को 48 घंटे के भीतर 23 नगर निकायों के सीमा विस्तार पर नई अधिसूचना जारी कर दी। संबंधित निकायों में सीमा विस्तार पर लोगों से एक सप्ताह के भीतर आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद एक सप्ताह का समय आपत्तियों की सुनवाई के लिए तय किया गया है। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन का कहना है कि नई अधिसूचना के मुताबिक, अब केवल नई आपत्तियों और सुझावों पर ही विचार किया जाएगा। पुराने सुझाव और शिकायतें नहीं सुनी जाएंगी।
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वहीं, ग्राम प्रधान नत्थनपुर करुणा सिंह ने कहा कि सरकार को नई आपत्तियों के साथ ही पूर्व में डाली गई आपत्तियों पर भी सुनवाई करनी चाहिए। ग्राम प्रधान लाडपुर घनश्याम पाल ने कहा कि सरकार के शासनादेश में नई शिकायत और सुझाव मांगें गए हैं, पुरानी शिकायतों और सुझावों का जिक्र नहीं किया गया है। शासन को पुरानी शिकायतों और सुझावों पर भी मंथन करना चाहिए।
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