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केंद्र और राज्य के चुनाव साथ होने से होगा फायदा
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और विश्व संवाद केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पथरीबाग स्थित विवि परिसर में ‘लोक सभा और विधानसभा के एक साथ चुनाव कितने व्यावहारिक’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने वक्ताओं ने केंद्र और राज्य के चुनाव एक साथ कराए जाने की वकालत की। वक्ताओं ने इसे पारदर्शी और कम खर्चीला होने के साथ कई अन्य तरह से फायदेमंद बताया।
संगोष्ठी के अध्यक्ष कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी ने कहा कि मजबूत राजनीतिक दृष्टिकोण हो तो एक देश-एक चुनाव की अवधारणा संभव हो सकती है। गढ़वाल विवि के प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि राजनीति में अपराधीकरण पर रोक लगनी चाहिए। बार-बार चुनावों से कई तरह के नुकसान झेलने पड़ते हैं। इसके अलावा चुनावी खर्च सीमित किया जाना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार कुशल कोठियाल ने कहा कि एक देश-एक चुनाव का विषय एक विशेष विचारधारा के लिए परेशानी का पर्याय बन गया है। यह वही विचारधारा है जो चीन के थियानमिन चेक पर छात्रों पर टैंक चढ़वा सकती है। विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय कुमार ने चुनावों में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संगोष्टी में प्रो. वीएस बौड़ाई, सुरेंद्र मित्तल, डॉ. कुमुद सकलानी, डॉ. प्रीति तिवारी, डॉ. दिनेश उपमन्यु आदि मौजूद रहे।
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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और विश्व संवाद केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पथरीबाग स्थित विवि परिसर में ‘लोक सभा और विधानसभा के एक साथ चुनाव कितने व्यावहारिक’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने वक्ताओं ने केंद्र और राज्य के चुनाव एक साथ कराए जाने की वकालत की। वक्ताओं ने इसे पारदर्शी और कम खर्चीला होने के साथ कई अन्य तरह से फायदेमंद बताया।
संगोष्ठी के अध्यक्ष कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी ने कहा कि मजबूत राजनीतिक दृष्टिकोण हो तो एक देश-एक चुनाव की अवधारणा संभव हो सकती है। गढ़वाल विवि के प्रो. एमएम सेमवाल ने कहा कि राजनीति में अपराधीकरण पर रोक लगनी चाहिए। बार-बार चुनावों से कई तरह के नुकसान झेलने पड़ते हैं। इसके अलावा चुनावी खर्च सीमित किया जाना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार कुशल कोठियाल ने कहा कि एक देश-एक चुनाव का विषय एक विशेष विचारधारा के लिए परेशानी का पर्याय बन गया है। यह वही विचारधारा है जो चीन के थियानमिन चेक पर छात्रों पर टैंक चढ़वा सकती है। विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय कुमार ने चुनावों में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संगोष्टी में प्रो. वीएस बौड़ाई, सुरेंद्र मित्तल, डॉ. कुमुद सकलानी, डॉ. प्रीति तिवारी, डॉ. दिनेश उपमन्यु आदि मौजूद रहे।
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