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बेटा-बेटी मां यु भेद किलै मांजी.....ने किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध
Updated Fri, 05 Jan 2018 10:45 PM IST
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गोपेश्वर। बाल विकास परियोजना के तहत जय गोपीनाथ कला संगम से जुड़े कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए आम लोगों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया।
कला संगम ने देवाल और थराली ब्लॉक के कई गांवों में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। नाटक के माध्यम से आम लोगों को बेटियों के संरक्षण और उन्हें उचित शिक्षा देने पर जोर दिया गया। लोगों को नारी शक्ति का सम्मान, भ्रूण हत्या एक अपराध, लिंग की जांच और महिला हिंसा के बारे में बताया। नाटक में गायककार दिनेश रतूड़ी ने गीत बेटी तैं जन्म किलै दिनी मांजी, बेटा-बेटी मां यु भेद किलै मांजी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुकेश रतूड़ी, प्रकाश चंद्र, दिगपाल भारती और अनिल शर्मा आदि मौजूद थे। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं को भी अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
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कला संगम ने देवाल और थराली ब्लॉक के कई गांवों में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। नाटक के माध्यम से आम लोगों को बेटियों के संरक्षण और उन्हें उचित शिक्षा देने पर जोर दिया गया। लोगों को नारी शक्ति का सम्मान, भ्रूण हत्या एक अपराध, लिंग की जांच और महिला हिंसा के बारे में बताया। नाटक में गायककार दिनेश रतूड़ी ने गीत बेटी तैं जन्म किलै दिनी मांजी, बेटा-बेटी मां यु भेद किलै मांजी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुकेश रतूड़ी, प्रकाश चंद्र, दिगपाल भारती और अनिल शर्मा आदि मौजूद थे। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं को भी अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।