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आयोग में उपस्थित होना रेंज अधिकारी को पड़ा भारी प्रमुख वन संरक्षक ने पद से हटा
Updated Fri, 12 Jan 2018 02:09 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
एक रेंज अधिकारी को उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में उपस्थित होना भारी पड़ गया। प्रमुख वन संरक्षक मोनिष मलिक ने चिल्लावाली रेंज के रेंज अधिकारी शरण पाल सिंह कुंवर को पद से हटाने के आदेश दिए हैं। वहीं, आयोग जाने का दरवाजा खटखटाने वाले अन्य अधिकारियों को भी रेंज का चार्ज नहीं मिला। प्रमुख वन संरक्षक का कहना है कि शरणपाल कुंवर को छोड़कर किसी भी अधिकारी को रेंज अधिकारी का चार्ज नहीं मिला। ये अधिकारी रेंज अधिकारी नहीं है। फिर भी इन्हें रेंज अधिकारी का चार्ज दिया गया।
प्रदेश में सहायक विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत दस लोगों को वन क्षेत्राधिकारी के निसंवर्गीय पद पर नियुक्ति के आदेश हुए थे। वन प्रभाग पिथौरागढ़, राजाजी टाइगर रिजर्व देहरादून, अल्मोड़ा वन प्रभाग अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ वन प्रभाग पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग रुद्रप्रयाग एवं नरेंद्रनगर वन प्रभाग मुनिकीरेती टिहरी गढ़वाल में कार्यरत इन अधिकारियों में से कुछ को रेंज अधिकारी के पद पर तैनाती दे दी गई थी। जबकि सहायक विकास अधिकारी ओम प्रकाश को आदेश के बावजूद नरेंद्रनगर में रेंज अधिकारी के पद पर तैनाती न देकर भागीरथी वृत्त के वन संरक्षक सुशांत पटनायक ने उनके टिहरी वन प्रभाग में तैनाती के आदेश किए थे, लेकिन वन संरक्षक के आदेश के बावजूद टिहरी में उन्हें रेंज अधिकारी का चार्ज नहीं मिला। इससे नाराज ओम प्रकाश ने उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग में हुई सुनवाई में दौरान चिल्लावाली रेंज के रेंज अधिकारी शरणपाल सिंह कुंवर भी आयोग में उपस्थित हुए। इससे नाराज प्रमुख वन संरक्षक मोनिष मलिक ने तीन जनवरी को आदेश जारी कर रेंज अधिकारी शरण पाल कुंवर को पद से हटाने के आदेश किए हैं। प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि आयोग में सुनवाई के दौरान रेंज अधिकारी शरण पाल कुंवर बगैर वर्दी के ओम प्रकाश के साथ आयोग में उपस्थित हुए। उनके द्वारा अपना तैनाती आदेश साक्ष्य में रूप में आयोग में प्रस्तुत किया गया। आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि ओम प्रकाश के साथ भेदभाव हुआ है। इसके अलावा जगदीश चंद्र जोशी, गोविंद बल्लभ जोशी, बीरेंद्र दत्त बडोला और ओम प्रकाश की ओर से भी शरण पाल कुंवर की तरह रेंज चार्ज में रखे जाने का अनुरोध किया जा रहा है। ऐसे में रेंज अधिकारी शरणपाल कुंवर को रेंज चार्ज से हटाया जाए।
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रेंज अधिकारी शरणपाल कुंवर एक दिन आयोग में उपस्थित हुए थे, लेकिन उनकी उपस्थिति उन्हें हटाने की वजह नहीं है, असल बात यह है कि वे रेंज अधिकारी नहीं है फिर भी उन्हें रेंज अधिकारी बनाया गया है।
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- मोनिष मलिक, प्रमुख वन संरक्षक
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एक रेंज अधिकारी को उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में उपस्थित होना भारी पड़ गया। प्रमुख वन संरक्षक मोनिष मलिक ने चिल्लावाली रेंज के रेंज अधिकारी शरण पाल सिंह कुंवर को पद से हटाने के आदेश दिए हैं। वहीं, आयोग जाने का दरवाजा खटखटाने वाले अन्य अधिकारियों को भी रेंज का चार्ज नहीं मिला। प्रमुख वन संरक्षक का कहना है कि शरणपाल कुंवर को छोड़कर किसी भी अधिकारी को रेंज अधिकारी का चार्ज नहीं मिला। ये अधिकारी रेंज अधिकारी नहीं है। फिर भी इन्हें रेंज अधिकारी का चार्ज दिया गया।
प्रदेश में सहायक विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत दस लोगों को वन क्षेत्राधिकारी के निसंवर्गीय पद पर नियुक्ति के आदेश हुए थे। वन प्रभाग पिथौरागढ़, राजाजी टाइगर रिजर्व देहरादून, अल्मोड़ा वन प्रभाग अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ वन प्रभाग पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग रुद्रप्रयाग एवं नरेंद्रनगर वन प्रभाग मुनिकीरेती टिहरी गढ़वाल में कार्यरत इन अधिकारियों में से कुछ को रेंज अधिकारी के पद पर तैनाती दे दी गई थी। जबकि सहायक विकास अधिकारी ओम प्रकाश को आदेश के बावजूद नरेंद्रनगर में रेंज अधिकारी के पद पर तैनाती न देकर भागीरथी वृत्त के वन संरक्षक सुशांत पटनायक ने उनके टिहरी वन प्रभाग में तैनाती के आदेश किए थे, लेकिन वन संरक्षक के आदेश के बावजूद टिहरी में उन्हें रेंज अधिकारी का चार्ज नहीं मिला। इससे नाराज ओम प्रकाश ने उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग में हुई सुनवाई में दौरान चिल्लावाली रेंज के रेंज अधिकारी शरणपाल सिंह कुंवर भी आयोग में उपस्थित हुए। इससे नाराज प्रमुख वन संरक्षक मोनिष मलिक ने तीन जनवरी को आदेश जारी कर रेंज अधिकारी शरण पाल कुंवर को पद से हटाने के आदेश किए हैं। प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि आयोग में सुनवाई के दौरान रेंज अधिकारी शरण पाल कुंवर बगैर वर्दी के ओम प्रकाश के साथ आयोग में उपस्थित हुए। उनके द्वारा अपना तैनाती आदेश साक्ष्य में रूप में आयोग में प्रस्तुत किया गया। आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि ओम प्रकाश के साथ भेदभाव हुआ है। इसके अलावा जगदीश चंद्र जोशी, गोविंद बल्लभ जोशी, बीरेंद्र दत्त बडोला और ओम प्रकाश की ओर से भी शरण पाल कुंवर की तरह रेंज चार्ज में रखे जाने का अनुरोध किया जा रहा है। ऐसे में रेंज अधिकारी शरणपाल कुंवर को रेंज चार्ज से हटाया जाए।
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रेंज अधिकारी शरणपाल कुंवर एक दिन आयोग में उपस्थित हुए थे, लेकिन उनकी उपस्थिति उन्हें हटाने की वजह नहीं है, असल बात यह है कि वे रेंज अधिकारी नहीं है फिर भी उन्हें रेंज अधिकारी बनाया गया है।
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- मोनिष मलिक, प्रमुख वन संरक्षक