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शीतलहर की चपेट में धर्मनगरी
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:49 PM IST
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हरिद्वार। धर्मनगरी जबरदस्त शीतलहर की चपेट में है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया। बृहस्पतिवार को दिनभर कोहरा छाए रहने से लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जरूरी काम पर जाने वाले ही घर से बाहर निकले। अधिकांश लोग घरों में ही कैद रहे। ठंड का असर गंगा घाट से लेकर बाजारों तक दिखाई दिया।
30 दिसंबर से चालीस दिन का चिल्ला शुरू हो गया था। शुरू होने के अगले दिन 31 दिसंबर से मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी थी। 31 दिसंबर की रात और नए साल के पहले दिन गढ़वाल की ऊंची पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी के बाद से मैदान का इलाका शीतलहर की चपेट में है। पिछले कुछ दिनों से दोपहर तक छाने वाले कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा रखी थी। लोगों को बृहस्पतिवार को भी कोहरे से राहत नहीं मिली। तड़के से घना कोहरा छाने लगा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा कोहरा और घना हो गया। हालात यह थी कि कुछ मीटर की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। ठंड का असर लोगों के जनजीवन पर भी दिखाई दिया। सुबह के समय लोग देर से घर से निकले। सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। सुबह के समय लोगों को उम्मीद थी कि दोपहर को धूप निकलेगी तो राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूरज पूरे दिन कोहरे में छिपा रहा। ठंड का असर इस कदर था कि बाजारों में अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत कम लोग नजर आए। शाम के समय को बाजारों में सन्नाटा पसर गया। ठंड से बचने के लिए लोगों को बिजली के उपकरणों का सहारा लेना पड़ा। हरकी पैड़ी और गंगा घाटों पर भी लोग नजर नहीं आए। शाम के समय होने वाली गंगा आरती में काफी कम श्रद्धालु दिखाई दिए।
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गंगा घाटों पर नहीं अलाव की व्यवस्था
नगर निगम ने शहर के कुछ सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है, लेकिन गंगा घाटों पर अलाव नहीं जल रहे। गंगा घाटों और मैदानों में अलाव की व्यवस्था नहीं होने से बेघर लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि वन निगम के चिड़ियापुर डिपो से बृहस्पतिवार को और लकड़ी मंगाई गई हैं। रात में ही अलाव जलाने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार जैसी ठंड आगे भी पड़ी तो दिन में भी अलाव की व्यवस्था की जाएगी।
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अलाव सेकते रहे नगर निगम के कर्मचारी
नगर निगम परिसर में अलग-अलग जगह अलाव की व्यवस्था की गई है। नगर निगम ने महिला कर्मचारियों, बाबूओं और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग जगह पर अलाव जलाए थे। बृहस्पतिवार को ज्यादातर कर्मचारी अपनी कुर्सी छोड़कर अलाव सेकते रहे।
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सेवा समिति जला रही है अलाव
सेवा समिति के कार्यालय मंत्री रामपाल ने बताया कि समिति की ओर से पुलिस चौकी खड़खड़ी, पुलिस बैरियर भीमगोडा, पुलिस चौकी हरकी पैड़ी, सब्जी मंडी, गंगा टाकीज, डाकघर बैरियर आदि स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। क्षेत्रवासियों की शिकायत है कि हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के पुलिस कर्मी अलाव की लकड़ी उठाकर ले जाते हैैं। इसलिए गरीबों को अलाव का लाभ नहीं मिल रहा।
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30 दिसंबर से चालीस दिन का चिल्ला शुरू हो गया था। शुरू होने के अगले दिन 31 दिसंबर से मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी थी। 31 दिसंबर की रात और नए साल के पहले दिन गढ़वाल की ऊंची पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी के बाद से मैदान का इलाका शीतलहर की चपेट में है। पिछले कुछ दिनों से दोपहर तक छाने वाले कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा रखी थी। लोगों को बृहस्पतिवार को भी कोहरे से राहत नहीं मिली। तड़के से घना कोहरा छाने लगा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा कोहरा और घना हो गया। हालात यह थी कि कुछ मीटर की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। ठंड का असर लोगों के जनजीवन पर भी दिखाई दिया। सुबह के समय लोग देर से घर से निकले। सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। सुबह के समय लोगों को उम्मीद थी कि दोपहर को धूप निकलेगी तो राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूरज पूरे दिन कोहरे में छिपा रहा। ठंड का असर इस कदर था कि बाजारों में अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत कम लोग नजर आए। शाम के समय को बाजारों में सन्नाटा पसर गया। ठंड से बचने के लिए लोगों को बिजली के उपकरणों का सहारा लेना पड़ा। हरकी पैड़ी और गंगा घाटों पर भी लोग नजर नहीं आए। शाम के समय होने वाली गंगा आरती में काफी कम श्रद्धालु दिखाई दिए।
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गंगा घाटों पर नहीं अलाव की व्यवस्था
नगर निगम ने शहर के कुछ सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है, लेकिन गंगा घाटों पर अलाव नहीं जल रहे। गंगा घाटों और मैदानों में अलाव की व्यवस्था नहीं होने से बेघर लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि वन निगम के चिड़ियापुर डिपो से बृहस्पतिवार को और लकड़ी मंगाई गई हैं। रात में ही अलाव जलाने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार जैसी ठंड आगे भी पड़ी तो दिन में भी अलाव की व्यवस्था की जाएगी।
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अलाव सेकते रहे नगर निगम के कर्मचारी
नगर निगम परिसर में अलग-अलग जगह अलाव की व्यवस्था की गई है। नगर निगम ने महिला कर्मचारियों, बाबूओं और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग जगह पर अलाव जलाए थे। बृहस्पतिवार को ज्यादातर कर्मचारी अपनी कुर्सी छोड़कर अलाव सेकते रहे।
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सेवा समिति जला रही है अलाव
सेवा समिति के कार्यालय मंत्री रामपाल ने बताया कि समिति की ओर से पुलिस चौकी खड़खड़ी, पुलिस बैरियर भीमगोडा, पुलिस चौकी हरकी पैड़ी, सब्जी मंडी, गंगा टाकीज, डाकघर बैरियर आदि स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। क्षेत्रवासियों की शिकायत है कि हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के पुलिस कर्मी अलाव की लकड़ी उठाकर ले जाते हैैं। इसलिए गरीबों को अलाव का लाभ नहीं मिल रहा।