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रेलवे फाटक से गुजरेगी कांवड़ यात्रा
Updated Wed, 14 Jun 2017 09:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
ज्वालापुर में ऊंचे पुल का निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण अब कांवड़ यात्रा रेलवे फाटक से होकर गुजरेगी। रेल चौकी और पुराने ट्रक यूनियन से होते हुए शिवभक्तों को नए लाल पुल से कांवड़ पटरी पर लाते हुए जटवाड़ा पुल भेजा जाएगा। डीएम दीपक रावत और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बुधवार को कांवड़ रूट का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।
कांवड़ मेले की तैयारियों के लिए डीएम और एसएसपी बुधवार को बैरागी कैंप पहुंचे। यहां दोनों अधिकारियों ने कनखल और बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाले चार अस्थायी पुलों के संबंध में निरीक्षण कर जानकारी ली। डीएम दीपक रावत ने कहा कि बैरागी कैंप में बनने वाले अस्थायी पुलों के बारे में सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि इन्हें मेला बीतने के बाद न हटाया जाए। पूर्णकालिक बड़े पुलों के लिए भी अनुरोध किया जायेगा। बैरागी पार्किंग की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई है। बैरागी कैंप के बाद कांवड़ रूट का निरीक्षण करते हुए डीएम एसएसपी सिंहद्वार से होते हुए ज्वालापुर पहुंचे। तय हुआ कि ऊंचे पुल का निर्माण कार्य पूरा न होने के चलते आर्यनगर से कांवड़ यात्रा को ज्वालापुर रेलवे फाटक से होते हुए रेलवे रोड़, पुराना ट्रक यूनियन पर ले जाया जाएगा। यहां से नए लालपुल से निकालकर वापस कांवड़ पटरी और फिर सीधे जटवाड़ा पुल भेजा जाएगा।
डीएम और एसएसपी ने कांवड़ रूप से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी अधीनस्थों को दिए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन डा. अभिषेक त्रिपाठी, एसपी सिटी ममता वोहरा, नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, एसडीएम सदर मनीष कुमार सिंह, सीओ सदर जेपी जुयाल, सीओ सिटी प्रकाश देवली, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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ईई का वेतन रोकने के निर्देश
डीएम के निरीक्षण में बैरागी कैंप में तमाम अव्यवस्थाएं पाई। कैंप में कई जगह अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण भी पाया गया। अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।
ज्वालापुर में लगेगा जाम
ऊंचे पुल का निर्माण कछुआ चाल से होने के कारण रेलवे रोड पर आम दिनों में ही जाम बड़ी समस्या बन चुका है। अब कांवड़ यात्रा भी फाटक से गुजरने पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेले के दिनों में ज्वालापुर के भीतरी मार्ग पर जाम के क्या हालात होने जा रहे हैं। प्रशासन के लिए व्यवहारिक कठिनाई यह है कि पैदल कांवड़ियों को निकालने के लिए इस रास्ते के अलावा और कोई विकल्प भी नहीं है। सिंहद्वार से जटवाड़ा पुल जाने वाली कांवड़ पटरी पर लालपुल के समीप डबल लाइन बिछाने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। दूसरा रास्ता ऊंचे पुल से होकर गुजरता है, यहां भी करीब साल भर से निर्माण कार्य चालू है। ऐसे में एकमात्र वाया रेलवे फाटक ही एक रास्ता बचता है। कुल मिलाकर कांवड़ के दिनों ज्वालापुर के लोगों की जाम से मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। खासकर रेलवे रोड के बाजारों में जाम का झाम बढ़ेगा।
दिनभर में 40 से ज्यादा बार बंद होता है फाटक
ज्वालापुर रेलवे फाटक दिन भर 40 से ज्यादा बार बंद होती रहती है। दिल्ली देहरादून रूट पर ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गर्मियों के दिनों में यात्रा स्पेशल ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाती है। दिन आवाजाही लगी रहने के कारण बार बार फाटक बंद होता है। एक साथ कई ट्रेन क्रास करनी पड़ जाएं तो फाटक ज्यादा देर के लिए बंद करना पड़ता है, तब जाम के हालात विकराल हो जाते हैं। ऐसे में जब कांवड़ यात्रा यहां से गुजरेगी तब फाटक बंद होने पर जाम के विस्फोटक हालात पैदा हो सकते हैं।
हरिद्वार।
ज्वालापुर में ऊंचे पुल का निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण अब कांवड़ यात्रा रेलवे फाटक से होकर गुजरेगी। रेल चौकी और पुराने ट्रक यूनियन से होते हुए शिवभक्तों को नए लाल पुल से कांवड़ पटरी पर लाते हुए जटवाड़ा पुल भेजा जाएगा। डीएम दीपक रावत और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बुधवार को कांवड़ रूट का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।
कांवड़ मेले की तैयारियों के लिए डीएम और एसएसपी बुधवार को बैरागी कैंप पहुंचे। यहां दोनों अधिकारियों ने कनखल और बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाले चार अस्थायी पुलों के संबंध में निरीक्षण कर जानकारी ली। डीएम दीपक रावत ने कहा कि बैरागी कैंप में बनने वाले अस्थायी पुलों के बारे में सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि इन्हें मेला बीतने के बाद न हटाया जाए। पूर्णकालिक बड़े पुलों के लिए भी अनुरोध किया जायेगा। बैरागी पार्किंग की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई है। बैरागी कैंप के बाद कांवड़ रूट का निरीक्षण करते हुए डीएम एसएसपी सिंहद्वार से होते हुए ज्वालापुर पहुंचे। तय हुआ कि ऊंचे पुल का निर्माण कार्य पूरा न होने के चलते आर्यनगर से कांवड़ यात्रा को ज्वालापुर रेलवे फाटक से होते हुए रेलवे रोड़, पुराना ट्रक यूनियन पर ले जाया जाएगा। यहां से नए लालपुल से निकालकर वापस कांवड़ पटरी और फिर सीधे जटवाड़ा पुल भेजा जाएगा।
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डीएम और एसएसपी ने कांवड़ रूप से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी अधीनस्थों को दिए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन डा. अभिषेक त्रिपाठी, एसपी सिटी ममता वोहरा, नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, एसडीएम सदर मनीष कुमार सिंह, सीओ सदर जेपी जुयाल, सीओ सिटी प्रकाश देवली, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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ईई का वेतन रोकने के निर्देश
डीएम के निरीक्षण में बैरागी कैंप में तमाम अव्यवस्थाएं पाई। कैंप में कई जगह अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण भी पाया गया। अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।
ज्वालापुर में लगेगा जाम
ऊंचे पुल का निर्माण कछुआ चाल से होने के कारण रेलवे रोड पर आम दिनों में ही जाम बड़ी समस्या बन चुका है। अब कांवड़ यात्रा भी फाटक से गुजरने पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेले के दिनों में ज्वालापुर के भीतरी मार्ग पर जाम के क्या हालात होने जा रहे हैं। प्रशासन के लिए व्यवहारिक कठिनाई यह है कि पैदल कांवड़ियों को निकालने के लिए इस रास्ते के अलावा और कोई विकल्प भी नहीं है। सिंहद्वार से जटवाड़ा पुल जाने वाली कांवड़ पटरी पर लालपुल के समीप डबल लाइन बिछाने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। दूसरा रास्ता ऊंचे पुल से होकर गुजरता है, यहां भी करीब साल भर से निर्माण कार्य चालू है। ऐसे में एकमात्र वाया रेलवे फाटक ही एक रास्ता बचता है। कुल मिलाकर कांवड़ के दिनों ज्वालापुर के लोगों की जाम से मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। खासकर रेलवे रोड के बाजारों में जाम का झाम बढ़ेगा।
दिनभर में 40 से ज्यादा बार बंद होता है फाटक
ज्वालापुर रेलवे फाटक दिन भर 40 से ज्यादा बार बंद होती रहती है। दिल्ली देहरादून रूट पर ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गर्मियों के दिनों में यात्रा स्पेशल ट्रेनों की संख्या भी बढ़ जाती है। दिन आवाजाही लगी रहने के कारण बार बार फाटक बंद होता है। एक साथ कई ट्रेन क्रास करनी पड़ जाएं तो फाटक ज्यादा देर के लिए बंद करना पड़ता है, तब जाम के हालात विकराल हो जाते हैं। ऐसे में जब कांवड़ यात्रा यहां से गुजरेगी तब फाटक बंद होने पर जाम के विस्फोटक हालात पैदा हो सकते हैं।