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गुलदार ने बकरी को बनाया निवाला
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:41 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
खत बाना के दधऊ गांव में गुलदार का आतंक बना हुआ है। बुधवार की रात गुलदार ने छानी में घुस एक बकरी को मार गिराया। गुलदार की दहशत से ग्रामीण सहमे हुए हैं। उन्होंने विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं पीड़ित ने मुआवजे की गुहार लगाई है।
बुधवार की रात गुलदार ने छानी में घुसकर सूरत सिंह चौहान की एक बकरी को मार गिराया। बृहस्पतिवार की सुबह जब सूरत छानी में पहुंचे तो सभी बकरियां एक कोने में डरी सहमी हुई थी जबकि एक बकरी छानी के भीतर मरी हुई थी।
ग्रामीण संतराम, सिंगाराम, भोपाल सिंह रावत आदि का कहना है कि लंबे समय से लोग गुलदार की दहशत से आतंकित हैं। अक्सर गुलदार को गांव के आसपास देखा गया है। गुलदार के डर से ग्रामीणों ने रात के समय घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया है। उधर डीएफओ दीपचंद आर्य ने कहा कि विभागीय नियमों के अनुसार पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन गुलदार को पकड़ने या उसके आतंक से निजात दिलाने के सवाल पर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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साहिया।
खत बाना के दधऊ गांव में गुलदार का आतंक बना हुआ है। बुधवार की रात गुलदार ने छानी में घुस एक बकरी को मार गिराया। गुलदार की दहशत से ग्रामीण सहमे हुए हैं। उन्होंने विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं पीड़ित ने मुआवजे की गुहार लगाई है।
बुधवार की रात गुलदार ने छानी में घुसकर सूरत सिंह चौहान की एक बकरी को मार गिराया। बृहस्पतिवार की सुबह जब सूरत छानी में पहुंचे तो सभी बकरियां एक कोने में डरी सहमी हुई थी जबकि एक बकरी छानी के भीतर मरी हुई थी।
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ग्रामीण संतराम, सिंगाराम, भोपाल सिंह रावत आदि का कहना है कि लंबे समय से लोग गुलदार की दहशत से आतंकित हैं। अक्सर गुलदार को गांव के आसपास देखा गया है। गुलदार के डर से ग्रामीणों ने रात के समय घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया है। उधर डीएफओ दीपचंद आर्य ने कहा कि विभागीय नियमों के अनुसार पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन गुलदार को पकड़ने या उसके आतंक से निजात दिलाने के सवाल पर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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