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दैंणा हुंया गोपीनाथ देवा....जागर के साथ शुरु हुआ द्योखारी महोत्सव
Updated Thu, 28 Dec 2017 10:33 PM IST
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गोपेश्वर। जिला मुख्यालय के समीप घिंघराण क्षेत्र में तीन दिवसीय द्यौखारी महोत्सव का जागर और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेलकूद प्रतियोगिताएं भी होंगी।
बृहस्पतिवार को विधायक महेंद्र भट्ट ने महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने मेला आयोजन के लिए अपनी निधि से तीन लाख रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। साथ ही महोत्सव स्थल के चारों ओर चाहरदीवारी के लिए भी धनराशि देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पुराने मेलों का संरक्षण किया जाएगा। इससे पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। गोपीनाथ की स्तुति दैंणा हुंया गोपीनाथ देवा... जागर से हुई। इसके बाद मंच के लोक गायककार दिनेश कुमार ने मन्ख्यालु पराण.... सच्च बतौ सरकारी बौंण मां आग कैन लगाई... गीत के माध्यम से वनों के संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, जागर गायक भागचंद सावंत ने हिट डांडा मरोड़ी लाजवंती..., हे स्वांणी बंदोला... और फुली जाली जई... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। वद्यालयी छात्राओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह बिष्ट, सांसद प्रतिनिधि रघुवीर बिष्ट, ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह राणा, कुंवर सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह कठैत, जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष हर्षवर्द्धन मैठाणी, चंद्रकला तिवाड़ी और ऊषा रावत बिष्ट आदि मौजूद थे।
स्टॉल में दी योजनाओं की जानकारी
गोपेश्वर। महोत्सव में कृषि, पर्यटन, बाल विकास, जिला समाज कल्याण, स्वास्थ्य विभाग सहित करीब बीस सरकारी व गैर सरकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए। स्टॉल के माध्यम से विभागीय कर्मचारियों ने ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी। भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने स्थानीय उत्पाद कालीन, पंखी, ऊनी कपड़ों के साथ ही पहाड़ी दालों के स्टॉल भी लगाए।
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रौली महोत्सव का नाम अब द्यौखारी महोत्सव
गोपेश्वर। घिंघराण क्षेत्र में प्रतिवर्ष 28 दिसंबर से रौली महोत्सव के नाम से चार दिवसीय मेले का आयोजन होता था, लेकिन इस वर्ष क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मेले का नाम बदलकर द्यौखारी महोत्सव रख दिया। इस क्षेत्र को द्यौखारी पट्टी के नाम से जाना जाता है। महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष धीरज बिष्ट ने कहा कि इस वर्ष द्यौखारी पट्टी के नाम से महोत्सव का शुभारंभ किया जा रहा है। आगामी वर्षों में अब इसी नाम से महोत्सव होगा।
बृहस्पतिवार को विधायक महेंद्र भट्ट ने महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने मेला आयोजन के लिए अपनी निधि से तीन लाख रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। साथ ही महोत्सव स्थल के चारों ओर चाहरदीवारी के लिए भी धनराशि देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पुराने मेलों का संरक्षण किया जाएगा। इससे पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। गोपीनाथ की स्तुति दैंणा हुंया गोपीनाथ देवा... जागर से हुई। इसके बाद मंच के लोक गायककार दिनेश कुमार ने मन्ख्यालु पराण.... सच्च बतौ सरकारी बौंण मां आग कैन लगाई... गीत के माध्यम से वनों के संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, जागर गायक भागचंद सावंत ने हिट डांडा मरोड़ी लाजवंती..., हे स्वांणी बंदोला... और फुली जाली जई... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। वद्यालयी छात्राओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह बिष्ट, सांसद प्रतिनिधि रघुवीर बिष्ट, ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह राणा, कुंवर सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह कठैत, जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष हर्षवर्द्धन मैठाणी, चंद्रकला तिवाड़ी और ऊषा रावत बिष्ट आदि मौजूद थे।
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स्टॉल में दी योजनाओं की जानकारी
गोपेश्वर। महोत्सव में कृषि, पर्यटन, बाल विकास, जिला समाज कल्याण, स्वास्थ्य विभाग सहित करीब बीस सरकारी व गैर सरकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए। स्टॉल के माध्यम से विभागीय कर्मचारियों ने ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी। भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने स्थानीय उत्पाद कालीन, पंखी, ऊनी कपड़ों के साथ ही पहाड़ी दालों के स्टॉल भी लगाए।
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रौली महोत्सव का नाम अब द्यौखारी महोत्सव
गोपेश्वर। घिंघराण क्षेत्र में प्रतिवर्ष 28 दिसंबर से रौली महोत्सव के नाम से चार दिवसीय मेले का आयोजन होता था, लेकिन इस वर्ष क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मेले का नाम बदलकर द्यौखारी महोत्सव रख दिया। इस क्षेत्र को द्यौखारी पट्टी के नाम से जाना जाता है। महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष धीरज बिष्ट ने कहा कि इस वर्ष द्यौखारी पट्टी के नाम से महोत्सव का शुभारंभ किया जा रहा है। आगामी वर्षों में अब इसी नाम से महोत्सव होगा।